पटना- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज पटना शहर में बरसात के पूर्व की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सैदपुर नहर रोड जाकर सैदपुर नाले का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नाले को और गहरा करें ताकि पानी का निकास भी बेहतर ढंग से हो। नाले को कवर्ड करने के साथ-साथ सड़क की चौड़ाई और बढ़ाएं ताकि आवागमन में भी लोगों को सुविधा हो। इस क्रम में मुख्यमंत्री ने ड्रेनेज पंपिंग प्लांट सैदपुर का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने नमामि गंगे परियोजना के तहत निर्मित सैदपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने फर्स्ट स्टेज के गंदे पानी तथा अंतिम स्टेज के साफ पानी को भी देखा तथा पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली।

इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने नमामि गंगे के तहत पहाड़ी पर निर्मित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य के दौरान जहां कहीं भी सड़कों का कटाव किया गया है, उन सभी पथों की कनेक्टिविटी ठीक करें। उन्होंने कहा कि जिस सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है, उसे 31 मई तक पूर्ण करें।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त परामर्शी श्री मनीष कुमार वर्मा, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री आनंद किशोर, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, जिलाधिकारी श्री चंद्रशेखर सिंह, नगर आयुक्त श्री अनिमेष पराशर, बुडको के प्रबंध निदेशक श्री धर्मेंद्र कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री मानवजीत सिंह ढिल्लो सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे।

निरीक्षण के पश्चात् पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ दिनों में वर्षापात होनेवाला है। बरसात के पूर्व की तैयारियों का जायजा लेने के क्रम में वाटर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का मुआयना करने आये हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया है कि जल्द ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम पूरा हो जायेगा। इसको लेकर हमने अधिकारियों को निर्देश दिया है। विभाग के सभी अधिकारी काम में लगे हुये हैं। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को तेजी से पूरा करने की जरुरत है ताकि बारिश के दौरान लोगों को कोई परेशानी नहीं हो। हमलोग चाहते हैं कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी को गंगा नदी में भेजने के बजाय इसका उपयोग सिंचाई में किया जाय। इस बात को हमने पहले भी कई बार कहा है। इसको लेकर भी काम चल रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here