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Wednesday, September 28, 2022
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रेस्क्यू टीम की चुनौतियों से राहुल के हौसले की जंग जारी, पल-पल नई चुनौतियों से हो रहा सामना

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80 फ़ीट गहरे बोरवेल में फंसे राहुल साहू को बचाने के लिए छत्तीसगढ़ के अब तक के सबसे बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशासन और पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है। तीन रातों से रेस्क्यू में लगे अधिकारी-कर्मचारी और जवान लगातार डटे हुए हैं। बोरवेल में फंसे बालक राहुल साहू के रेस्क्यू ऑपरेशन में एक के बाद एक नई-नई बाधाएं आ रही हैं। इसके बावजूद हर चुनौती को पार करते हुए टीम 60 फीट नीचे बोरवेल के सामानांतर खोदे गए गड्ढे में सुरंग तैयार करती हुई धीरे-धीरे राहुल के करीब बढ़ रही है। इस कठिन ऑपरेशन में राहुल का हौसला और रेस्क्यू टीम का संयम अभी भी बरकरार है। नाजुक हालात और राहुल की अवस्था को देखते हुए सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम के साथ ही एसईसीएल की टीम और खनन कार्य के अन्य विशेषज्ञों को भी रेस्क्यू के लिए उतार दिया गया। रस्सी के सहारे रेस्क्यू की कोशिशें नाकाम होने के बाद गुजरात से रोबोट विशेषज्ञ को बुलाया गया, लेकिन राहुल की मानसिक अवस्था और बोर के भीतर की चट्टानों के कारण यह कोशिश भी सफल नहीं हो पाई। बोरवेल के भीतर बढ़ते जल स्तर ने नया खतरा निर्मित कर दिया। इससे निपटने के लिए गांव के सभी बोरवेल को चौबीसों घंटे चालू रखने के निर्देश दिए गए। गड्ढे में मिट्टी और पत्थर दोनों की अधिकता की वजह से 60 फीट की गहराई में खोदी जाने वाली पतली सुरंग के धसकने के खतरे को देखते हुए विशेषज्ञों ने सुरंग में लोहे की पाइप डालकर आगे बढ़ने का निर्णय लिया। जब सुरंग तैयार होने लगी तो रास्ते मे आ रहे पत्थर और कड़ी चट्टानें बाधा बन गईं। अब चट्टानों और पत्थरों की दरारों में सांप-बिच्छुओं की आशंका ने नई चुनौती निर्मित कर दी। प्रशासन ने इसके लिए सर्प विशेषज्ञों की तैनाती कर दी और एंटी-वेनम की व्यवस्था भी मौके पर ही कर दी गई। रेस्क्यू टीम संयम और सफलता के साथ धीरे-धीरे राहुल के करीब बढ़ रही है। वहीं राहुल का हौसला अभी भी बरकरार है।

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