हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि अम्बाला छावनी इंडस्ट्रियल एरिया का देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान है। यहां पर साइंस से जुड़े एवं अन्य जो उपकरण तैयार किए जाते हैं उनका रक्षा, इंजीनियरिंग कालेज व मेडिकल कालेजों, स्कूलों, एयरफोर्स में व अन्य क्षेत्रों में प्रयोग किया जाता है। इस दृष्टि से इंडस्ट्रियल एरिया का देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान है।

  विज आज इंडस्ट्रियल एरिया अम्बाला छावनी की 10 करोड़ 76 लाख रूपए की लागत से आरसीसी रिटेनिंग वाल चार दीवारी के शिलान्यास के उपरांत  जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।

 ऊर्जा मंत्री ने इस मौके पर इंडस्ट्रियल एरिया के लोगों को चार दिवारी के कार्य की शुरूआत होने पर बधाई देते हुए कहा कि अम्बाला छावनी इंडस्ट्रियल एरिया 1970 के आसपास बना था और उनके दोस्त नेत्रपाल ने सबसे पहले यहां इंडस्ट्री लगाई थी।

  उन्होंने कहा तब से बरसातें आती रही और इंडस्ट्रियल एरिया डूबता रहा और नुक्सान होते रहे, मगर ठोस काम कभी नहीं हुआ। मगर हम इंडस्ट्रियल एरिया वासियों की मांग पर 10.76 करोड़ रुपए की लागत से कंकरीट की चारदीवारी बनाकर दे रहे हैं जोकि आठ फुट ऊंची व 14 फुट जमीन से नीचे होगी ताकि पानी का दबाव दीवार को गिरा न सके। उन्होंने कहा इंडस्ट्री बरसातों में सुरक्षित रहे यह जरूरी है। अम्बाला छावनी की इंडस्ट्री काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां से डिफेंस, एरोनॉटिक्स, इंजीनियरिंग, मेडिकल कालेजों व अन्य प्रमुख संस्थानों को इंस्ट्रूमेंट सप्लाई किए जाते है। ऐसे में इंडस्ट्री रूकती है तो विकास रूकता है।

  अनिल विज ने कहा कि दीवार बनाने का काम करने के साथ-साथ हम टांगरी नदी तल को भी गहरा कर रहे हैं। गांव रामगढ़ माजरा से गांव दुराना तक अलग-अलग चरणों में नदी तल को गहरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कुछ लोग इस कार्य में व्यावधान डाल रहे हैं जबकि यह जमीन नगर परिषद है और नगर परिषद ने खुदाई के लिए एनओसी दी है। उन्होंने कहा टांगरी बरसाती नदी है और बरसातों में ज्यादा पानी आने से छावनी डूबती थी, मगर अब बचाव के लिए उन्होंने टांगरी के दूसरी ओर शहर की तरफ 8 किलोमीटर लंबा रामगढ़ माजरा से अम्बाला-सहारनपुर रेल लाइन तक बांध बनाकर पक्की सड़क बना दी जिसके कारण आज शहर बच रहा है। उन्होंने कहा पिछले वर्ष टांगरी नदी में रिकार्ड स्तर पर पानी आया था मगर इसी बांध की वजह से शहर में एक बूंद पानी नहीं आया था। इसीलिए अब नदी के इंडस्ट्री एरिया की तरफ भी नदी किनारे बांध बनाकर टांगरी नदी के दोनों किनारे बसे क्षेत्रों को सुरक्षित किया जा रहा है।