किशनगंज और पूर्णिया जिले के अमौर और बैसा प्रखंड में महानंदा मेची और परवाण नदी के कटाव से सैकड़ों परिवारों का आशियाना नदी में विलीन हो गया है. साथ ही साथ नदियों का कटाव इतनी तेजी से हो रही है कि नदी से सटे कई गांव के लोग अपने ही आशियाने को अपने हाथों से तोड़कर सड़क किनारे तंम्बू बनाकर सरण लेने को मजबूर हैं. परंतु कटाव का दंश झेल रहे ग्रामीणों को अभी तक सरकार और प्रशासन से कोई मदद नहीं मिलने से लोगों में सरकार के प्रति काफी रोष है.