फतह सिंह उजाला
गुरुग्राम। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ( रेरा ), गुरुग्राम ने जनवरी से जून 2026 के दौरान 51 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है। शुरुआती छह महीनों में मंज़ूर किए गए इन 51 प्रोजेक्ट्स में लगभग 4-बिलियन USD का निवेश शामिल है।
खास बात यह है कि मंज़ूर किए गए 51 प्रोजेक्ट्स में से सिर्फ़ 11 प्रोजेक्ट्स में ही कुल मिलाकर लगभग 25,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जो पिछले कुछ वर्षों में गुरुग्राम में रियल एस्टेट डेवलपमेंट के बड़े पैमाने को दर्शाता है।
अथॉरिटी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मंज़ूर किए गए 51 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में कुल 16,727 यूनिट्स शामिल हैं, जिनमें से 15,403 यूनिट्स रेजिडेंशियल (आवासीय) कैटेगरी की हैं, 1,084 कमर्शियल (व्यावसायिक) और 240 इंडस्ट्रियल (औद्योगिक) यूनिट्स हैं।
गुरुग्राम का रियल एस्टेट मार्केट तेज़ी से बढ़ रहा है और देश के बेहतरीन रियल एस्टेट प्लेयर्स को आकर्षित कर रहा है, जो लगातार महंगे और शानदार (लक्ज़री) प्रोजेक्ट्स लॉन्च कर रहे हैं। यह गुरुग्राम की लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी में स्टेकहोल्डर्स के भरोसे और इन्वेस्टर्स व घर खरीदारों की लगातार मांग को दर्शाता है।
अथॉरिटी ने अपने बयान में कहा कि तेज़ी से मंज़ूरी मिलने, रेगुलेटरी निगरानी और बेहतर कंप्लायंस सिस्टम ने घरेलू और इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स को मार्केट में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया है। रेरा, गुरुग्राम ने 2025 कैलेंडर वर्ष में 131 प्रोजेक्ट्स में लगभग 87,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया।
गुरुग्राम रेरा के द्वारा कई इंस्टीट्यूशनल सुधार लागू किए गए , जिनमें प्रोजेक्ट्स के रजिस्ट्रेशन के समय रियल एस्टेट प्रमोटरों द्वारा दी गई जानकारी की बारीकी से जांच, डोमेन एक्सपर्ट्स द्वारा प्रोजेक्ट साइट का अनिवार्य निरीक्षण, तिमाही प्रोग्रेस रिपोर्ट (QPR) का अनिवार्य रूप से दाखिल करना और ज़्यादा पारदर्शिता के लिए पब्लिक नोटिस जारी करके पब्लिक कंसल्टेशन (सार्वजनिक परामर्श) को प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन के लिए अनिवार्य शर्त बनाना शामिल है। अथॉरिटी ने विवाद सुलझाने की प्रक्रिया को आसान बनाने और घर खरीदारों को राहत देने के लिए शिकायतों के पेंडिंग मामलों (बैकलॉग) को काफी कम किया है।