दिनेश कुमार पांडेय /रफ्तार ब्यूरो /बोकारो 

बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के गोविंदपुर बस्ती में उस समय भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा जब करीब 20 वर्ष पूर्व रोजगार की तलाश में मुंबई जाने के लिए घर से निकले और फिर लापता हो गए परशुराम महतो अपने परिवार के बीच वापस लौट आए। लंबे इंतजार के बाद पति को सामने देखकर पूरे परिवार की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। पूरे गांव में भावुकता और खुशी का माहौल देखने को मिला। परशुराम महतो के घर वापस लौटने की खबर मिलते ही ग्रामीणों ने गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़े के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। वर्षों से पति की राह देख रही पत्नी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। पति के घर पहुंचने के बाद ग्रामीण महिलाओं की मौजूदगी में पत्नी की मांग में सिंदूर भरवाया गया। वर्षों बाद पति-पत्नी का यह मिलन देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। यह पल पूरे गांव के लिए बेहद भावुक और यादगार रहा। ग्रामीणों ने बताया कि परशुराम महतो पिछले करीब एक वर्ष से राजस्थान के भरतपुर जिले स्थित एक आश्रम में रह रहे थे। बोकारो थर्मल थाना प्रभारी के माध्यम से उनके परिजनों को इसकी सूचना मिली। सूचना मिलते ही परिवार के लोग राजस्थान पहुंचे और उन्हें सकुशल वापस अपने घर लेकर आए। करीब दो दशक बाद परिवार से उनका मिलन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। जिस घर में वर्षों से इंतजार और चिंता का माहौल था, वहां उनकी वापसी ने एक बार फिर खुशियां ला दीं। परिजनों और ग्रामीणों ने बोकारो थर्मल थाना प्रभारी एवं पुलिस प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया, जिनकी सूचना और सहयोग के कारण परिवार को वर्षों बाद अपना बिछड़ा हुआ सदस्य वापस मिल सका। 20 साल का इंतजार खत्म हुआ, परिवार को अपना परशुराम वापस मिला। यह सिर्फ एक घर की खुशी नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए भावुक कर देने वाला पल है।