शिकारीपाड़ा/दुमका/रफ्तार मीडिया।ललित कुमार पाल।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की अभियान निदेशक ने किया कालापानी ग्राम का निरीक्षण, स्वच्छता एवं ओडीएफ प्लस के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), झारखंड की अभियान निदेशक रंजीता हेम्ब्रम एवं संयुक्त सचिव-सह-संयुक्त निदेशक शशिंद्र कुमार बड़ाईक ने रविवार को दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड अंतर्गत कालापानी ग्राम का भ्रमण कर स्वच्छता एवं ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) से संबंधित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम में संचालित स्वच्छता गतिविधियों एवं उपलब्ध अवसंरचनाओं का जायजा लेते हुए उनके प्रभावी संचालन एवं उपयोग की समीक्षा की।
भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने सोखता गड्ढा, नाडेप खाद गड्ढा, कचरा पृथक्करण शेड, व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (आईएचएचएल) सहित विभिन्न स्वच्छता अवसंरचनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित कर्मियों को सभी परिसंपत्तियों का नियमित रखरखाव एवं उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि ग्राम में स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे और ओडीएफ प्लस के लक्ष्य प्रभावी रूप से प्राप्त किए जा सकें।
निरीक्षण के उपरांत ग्रामीणों के साथ स्वच्छता संवाद आयोजित किया गया, जिसमें स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता, व्यवहार परिवर्तन तथा सामुदायिक सहभागिता पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ गांव का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक ग्रामीण अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करते हुए स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाए।
स्वच्छता संवाद के दौरान सभी परिवारों से निर्मित शौचालयों का नियमित एवं सतत उपयोग सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। गांव को प्लास्टिक कचरा मुक्त बनाने के लिए ग्रामीणों से सक्रिय सहयोग की अपील की गई तथा जैविक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन हेतु नाडेप खाद गड्ढों का नियमित उपयोग कर जैविक खाद तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया। माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के अंतर्गत उपयोग किए गए सेनेटरी नैपकिनों के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक निस्तारण के लिए भस्मक (इंसिनरेटर) के उपयोग पर भी विशेष बल दिया गया।
अधिकारियों ने निर्देश दिया कि जिन पात्र लाभुकों के घरों में अभी तक शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है, उनके लिए शीघ्र निर्माण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही स्वयं के संसाधनों से शौचालय निर्माण करने वाले पात्र लाभुकों को प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए।
ग्रामीणों से अपने घरों के साथ-साथ गली, मोहल्ले एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत के मुखिया ने भी स्वच्छता संबंधी संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने तथा ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प व्यक्त किया।
भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का व्यापक अभियान है। ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता, जागरूकता एवं सामूहिक प्रयासों से ही गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ एवं ओडीएफ प्लस के मानकों के अनुरूप विकसित किया जा सकता है।