कुशीनगर। अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से कीटनाशक बेचना आसान नहीं होगा। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने साफ कर दिया है कि अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो और जियोमार्ट जैसी ई-कॉमर्स साइटों पर कीटनाशकों की बिक्री के लिए लाइसेंस और नियमों का पालन अनिवार्य है। नियम तोड़ने वालों पर कीटनाशी अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई होगी।
*क्या हैं नए नियम?*
भारत सरकार की 24 नवंबर 2022 की अधिसूचना और कीटनाशी नियमावली 1971 के नियम 10(ई) के तहत अब ऑनलाइन कीटनाशक बेचने के लिए वैध लाइसेंस जरूरी है। कृषि निदेशालय, यूपी ने भी इसे लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। लाइसेंसधारी विक्रेता ही किसानों के घर तक कीटनाशक पहुंचा सकेंगे, लेकिन उन्हें कीटनाशी अधिनियम 1968 के सभी प्रावधान मानने होंगे।
*अपंजीकृत और खतरनाक कीटनाशक बेचे तो खैर नहीं*
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने चेताया कि अगर किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपंजीकृत या खतरनाक कीटनाशक, खरपतवारनाशी या कृषि रसायन बेचे गए तो विक्रेता के खिलाफ कीटनाशी अधिनियम 1968 और नियमावली 1971 की धाराओं में केस दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसमें जेल और भारी जुर्माना दोनों का प्रावधान है।
*विक्रेताओं को दो टूक: नियम मानो, किसान बचाओ*
अधिकारी ने जिले के सभी कीटनाशी विक्रेताओं से अपील की है कि वे नियमों का अक्षरशः पालन करें। किसानों को सिर्फ सरकार से अनुमोदित और पंजीकृत कृषि रक्षा रसायन ही बेचें। इससे न सिर्फ फसल सुरक्षित रहेगी, बल्कि पर्यावरण और लोगों की सेहत को भी नुकसान नहीं होगा।
*क्यों पड़ी सख्ती की जरूरत?*
दरअसल, कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना लाइसेंस नकली और प्रतिबंधित कीटनाशक धड़ल्ले से बिक रहे थे। इससे फसल बर्बाद होने के साथ-साथ किसानों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ रहा था। अब सरकार की मंशा ऑनलाइन बिक्री को रेगुलेट कर किसानों को ठगी और जहर से बचाने की है।
कृषि विभाग ने साफ कर दिया है कि उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा।