हरियाणा सरकार राज्य में बागवानी और कृषि क्षेत्र को अधिक लाभकारी बनाकर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि हरियाणा आज सफेद बटन मशरूम उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत जगह बना रहा है। राज्य सरकार किसानों को मशरूम इकाइयाँ स्थापित करने के लिए 40 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है। इसके साथ ही, अनुसूचित जाति के किसानों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए विशेष योजनाएँ लागू की गई हैं, जिनके तहत विभिन्न बागवानी गतिविधियों पर 85 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
कृषि मंत्री ने कंकरी दी कि राज्य में बागवानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बागवानी को व्यापक और आधुनिक स्तर पर बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई 'बागवानी पॉलिसी' तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही लागू कर दिया जाएगा।
इस वर्ष राज्य के सभी जिलों में स्मार्ट बागवानी तकनीकों—जैसे संरक्षित खेती, एरोपोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीनहाउस और वर्टिकल फार्मिंग—को तेजी से प्रोत्साहित किया जाएगा और लगभग 1,000 एकड़ क्षेत्र को इन आधुनिक तकनीकों के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है।
श्री राणा ने बताया कि बागवानी फसलों के उत्पादन से लेकर उनके मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) और बाजार में सही विपणन (मार्केटिंग) तक किसानों को बेहतर संस्थागत सहयोग देने के उद्देश्य से विभाग के ढांचे में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। इसके तहत विभाग का पुनर्गठन कर इसे नया नाम “बागवानी एवं विपणन विभाग” देने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा, वर्ष 2026-27 के दौरान ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर बागवानी फसलों का पंजीकरण पूरे साल खुला रहेगा, जिससे किसान आसानी से अपनी फसलों का ब्योरा दर्ज करा सकेंगे। वहीं फसलों के बेहतर भंडारण, कीमतों में स्थिरता बनाए रखने और तरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए एक समर्पित 'कोल्ड चेन नीति' भी लागू की जाएगी।
श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि इन सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं और नीतियों के माध्यम से हरियाणा सरकार कृषि को आधुनिक, टिकाऊ और अधिक मुनाफा देने वाला क्षेत्र बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।