रफ्तार मीडिया संवाददाता/मिहिजाम

भारतीय रेलवे की प्रमुख उत्पादन इकाई चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना ने अपनी दानकुनी इकाई के साथ मिलकर जुलाई 2026 में 87 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का निर्माण कर इतिहास रच दिया है। यह किसी भी एकल माह में चिरेका द्वारा किया गया अब तक का सर्वाधिक उत्पादन है, जिसने देश की रेलवे निर्माण क्षमता और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को अभूतपूर्व मजबूती दी है। इस रिकॉर्ड उत्पादन में मुख्य इकाई चित्तरंजन 65 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव, व दानकुनी इकाई 22 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव उत्पादन किया। रेल मंत्रालय के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को पूरा करने में जुटी चिरेका की यह उपलब्धि अधिकारियों, अभियंताओं और कर्मचारियों के अटूट समर्पण व उत्कृष्ट टीम वर्क का परिणाम है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गति से भारतीय रेलवे के बेड़े में आधुनिक और उच्च क्षमता वाले इलेक्ट्रिक इंजनों की संख्या में तेजी से इजाफा होगा। इससे देशभर में मालवाहक और यात्री ट्रेनों का संचालन अधिक तेज, सुरक्षित, ऊर्जा-दक्ष और पर्यावरण-अनुकूल बनेगा। चिरेका प्रबंधन ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगी इकाइयों की अनुशासित कार्य संस्कृति और सामूहिक प्रयासों को दिया है। इस रिकॉर्ड के साथ ही चिरेका ने देश के अग्रणी और सबसे भरोसेमंद लोकोमोटिव निर्माण केंद्र के रूप में अपनी पहचान को और अधिक सुदृढ़ कर लिया है।