रिपोर्ट रोहित कुमार/बिजनौर
बिजनौर में वन विभाग के कार्यालय में हंगामा कर जबरन लकड़ी से भरा ट्रक छुड़ाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ी से भरे ट्रक को वन विभाग ने पकड़ा था, जिसे छुड़ाने के लिए कई लोग रेंज कार्यालय पहुंच गए और अधिकारियों-कर्मचारियों पर दबाव बनाने के साथ धमकी भी दी। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपने कई साथियों के साथ ट्रक को जबरन ले जाने की बात कबूल की है।
वीओ- पूरा मामला 5 सितंबर का है। वन विभाग के बिजनौर रेंज कार्यालय में प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ी से भरा ट्रक संख्या UP20AT3913 पकड़ा गया था। आरोप है कि ट्रक को छुड़ाने के लिए कई लोग वन विभाग के रेंज कार्यालय पहुंचे। यहां अधिकारियों और कर्मचारियों पर ट्रक छोड़ने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि विरोध करने पर सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए धमकी और हंगामा किया गया। वनरक्षक मोहित कुमार की तहरीर पर बिजनौर शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने मामले में दो आरोपियों सचिन गुप्ता और अमरकान्त शर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ वन विभाग के कार्यालय पहुंचे थे। ट्रक को छुड़ाने की कोशिश की गई, लेकिन वन विभाग के अधिकारियों ने ट्रक छोड़ने से इनकार कर दिया। आरोपियों के मुताबिक इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों को डराया-धमकाया गया और लकड़ी समेत ट्रक को जबरन वहां से ले जाया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यह भी सामने आया कि ट्रक का चालक शमीम और मालिक फैसल था और आरोपी यूनियन के प्रभाव का इस्तेमाल कर इस तरह के काम करते थे।
वीओ- इस मामले में पुलिस ने मुकदमे की धाराओं में भी बदलाव किया है। विवेचना के दौरान धारा 303(2) बीएनएस को हटाकर धारा 310(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। जांच के दौरान रोहन ठाकुर, बाबू भाई, आबिद और अकबर ठेकेदार के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आवश्यक कार्रवाई जारी है। फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को नियमानुसार गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की विवेचना जारी है। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाल रही है।