हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रवि किरण माटा ने हरियाणा के सभी थाना अध्यक्षों की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में पुलिस अधीक्षक ताहिर हुसैन के साथ सभी उप पुलिस अधीक्षक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
विदित है कि 17 जुलाई 2026 को पुलिस महानिदेशक नवदीप सिंह विर्क के निर्देश पर बिजली मामलों के निपटारे के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान की समीक्षा करते हुए एडीजीपी ने कहा कि इसमें कोताही बरतने वालों को किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। इस अवसर पर अच्छा कार्य करने वाली पुलिस टीमों की प्रशंसा भी की गई।
वहीं, ऐसे जिलों की पुलिस टीमों को निर्देश दिए गए कि वे प्राथमिकता तय करते हुए इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करें।
एडीजीपी रवि किरण माटा ने बताया कि इस अभियान के तहत 4.67 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का समाधान किया गया। लंबित बिजली विवादों को सुलझाने और बकाया राजस्व की वसूली के लिए 17 जुलाई से 31 जुलाई तक चलाए गए इस अभियान में 1 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये से अधिक तक की विभिन्न श्रेणियों के जटिल मामलों को लक्षित किया गया। अभियान के दौरान कुल 219 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया, जिसमें 4,67,67,229 रुपये (4.67 करोड़ रुपये से अधिक) की राशि का समाधान हुआ।
उन्होंने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य कानूनी मुकदमों के बोझ को कम करना और विभिन्न जिलों में बिजली विभागों के लंबित राजस्व को वापस लाना था।
रवि किरण माटा ने बताया कि इस मुहिम में गुरुग्राम डिवीजन ने सबसे बड़ी वित्तीय सफलता हासिल की। कुल 1,386 लंबित मामलों में से इस डिवीजन ने 53 मामलों का निपटारा किया, जिससे रिकॉर्ड 1,26,97,935 रुपये की राशि का समाधान हुआ। इसमें अकेले गुरुग्राम जिले ने 1 लाख से 2 लाख रुपये की श्रेणी में 35 मामलों को सुलझाकर 46.5 लाख रुपये से अधिक की राशि का समाधान किया।
महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों ने भी इस डिवीजन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं, व्यक्तिगत जिले के रूप में फरीदाबाद सबसे आगे रहा। फरीदाबाद ने कुल 1,604 मामलों में से 29 मामलों का निपटारा किया, जिससे कुल 72,78,767 रुपये की राशि का समाधान हुआ। विशेष रूप से जिले ने 5 लाख रुपये से अधिक वाली श्रेणी के चार बड़े मामलों से 27,52,462 रुपये की रिकवरी की।
अन्य डिवीजनों ने भी इस दो सप्ताह के अभियान में सराहनीय कार्य किया। अंबाला डिवीजन के तहत 78 मामलों में से 11 मामलों का निपटारा कर 20,02,683 रुपये की राशि का समाधान किया गया। हिसार डिवीजन में कुल 19 मामलों को सुलझाया गया, जिससे 18,64,355 रुपये की रिकवरी हुई।
करनाल डिवीजन में पानीपत, करनाल और कैथल को मिलाकर कुल 10 मामलों का निपटारा किया गया, जिससे 16.3 लाख रुपये से अधिक की राशि का समाधान हुआ। रोहतक डिवीजन में सोनीपत में 8 और चरखी दादरी में 5 मामलों का निपटारा कर राजस्व सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।
इस विशेष अभियान में सबसे अधिक ध्यान 1 लाख रुपये से 2 लाख रुपये की श्रेणी के मामलों पर रहा, जहां कुल 135 मामलों को सुलझाकर 1,71,79,670 रुपये की राशि का निपटारा किया गया।