रांची। JPSC-JSSC परीक्षा विवाद (Exam Controversy) को लेकर विधानसभा के बाहर हुए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद देर रात रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और SSP ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। अधिकारियों ने युवाओं से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की।

‘जिला प्रशासन ने भी संयम के साथ किया काम’

रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान छात्र संयमित तरीके से अपनी बात रख रहे थे और जिला प्रशासन (District Administration) ने भी स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए संयम के साथ काम किया।

उन्होंने बताया कि विधानसभा के सत्र (Assembly Session) को देखते हुए सुरक्षा के लिए कुल आठ बैरिकेडिंग (Barricading) की गई थी। प्रदर्शनकारी युवाओं ने बैरिकेडिंग को पार कर विधानसभा के समीप पहुंचने का प्रयास किया।

‘स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए न्यूनतम बल का इस्तेमाल’

उपायुक्त ने कहा कि विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में युवा विधानसभा के आसपास पहुंच गए थे। स्थिति और अधिक न बिगड़े, इसके लिए पुलिस को न्यूनतम बल (Minimum Force) का इस्तेमाल करना पड़ा।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ असामाजिक तत्वों (Anti-Social Elements) की ओर से पुलिस पर हमला किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। उपायुक्त ने कहा कि पूरे मामले की जांच (Investigation) की जाएगी और माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

SSP ने कहा- पहले समझाने का किया गया प्रयास

रांची SSP ने कहा कि विधानसभा के पास पहुंचे युवाओं को पहले समझाने और शांतिपूर्ण तरीके से वापस जाने का प्रयास किया गया था। लेकिन स्थिति को देखते हुए पुलिस को न्यूनतम बल का प्रयोग करना पड़ा।

SSP ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे किसी के बहकावे में आकर दिग्भ्रमित न हों। जिला प्रशासन (District Administration) उनके साथ है और उनकी समस्याओं को उचित माध्यम से सामने रखने का अवसर दिया जाएगा।

प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की

अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था (Law and Order) बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखें और किसी भी तरह की हिंसा या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से बचें।

JPSC-JSSC विवाद के बीच प्रशासन और आंदोलनकारी छात्रों के बीच आगे की स्थिति पर अब सभी की नजर बनी हुई है।