कासगंज।
कासगंज जनपद की थाना सहावर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने जबरन वसूली, छेड़छाड़, बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में काफी समय से फरार चल रहे वांछित अभियुक्त आशीष पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अभियुक्त के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त एक आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, गैंगस्टर और गुंडा एक्ट सहित कुल 46 गंभीर मामले दर्ज हैं।
क्या था मामला? (घटना का विवरण)
सहावर थाना क्षेत्र में दिनांक 28 सितंबर 2025 को एक महिला (वादिया) ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता का आरोप था कि आशीष पाण्डेय और उसके साथियों ने उसके साथ मारपीट की, कपड़े फाड़े और उसके खेत पर जबरन कब्जा कर लिया। इसके बाद कब्जा दिलाने के नाम पर आरोपियों ने पीड़िता से 1.35 लाख रुपये हड़प लिए और 7 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर अभियुक्तों ने हथियारों के बल पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी और पीड़िता के पति को बंधक बना लिया।
इस शिकायत पर थाना सहावर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं (मु0अ0सं0 496/25) के तहत आशीष पाण्डेय समेत 7 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
इस तरह हुई शातिर अपराधी की गिरफ्तारी
कासगंज पुलिस अधीक्षक (SP) श्री ओ0पी0 सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार गंगा प्रसाद के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी सहावर सुश्री शाहिदा नसरीन के नेतृत्व में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत पुलिस को यह कामयाबी मिली।
थाना सहावर की पुलिस टीम ने सटीक मुखबिरी और सुरागकसी के आधार पर दिनांक 10 जून 2026 को वांछित अभियुक्त आशीष पाण्डेय (पुत्र चन्द्र शेखर पाण्डेय) को उसके पैतृक निवास क्षेत्र के पास ग्राम गढ़ी हरनाठेर (थाना क्षेत्र ढोलना) से दबोच लिया।
22 सालों से अपराध की दुनिया में सक्रिय, दर्ज हैं 46 मुकदमे
पुलिस द्वारा जारी किए गए इतिहास के मुताबिक, आशीष पाण्डेय का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद चौंकाने वाला है। वह साल 2004 से लगातार अपराध जगत में सक्रिय है। उसके खिलाफ कासगंज, ढोलना, सोरों और गंजडुण्डवारा थानों में कुल 46 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
हत्या का प्रयास (धारा 307 भादंवि): करीब 6 से अधिक मामले।
गैंगस्टर और गुंडा एक्ट: कई बार गैंगस्टर (2/3 गैंगस्टर एक्ट) और गुंडा एक्ट की कार्रवाई।
लूट, रंगदारी और वसूली: रंगदारी (382 भादंवि) और डकैती के प्रयास के मामले।
सरकारी कार्य में बाधा व आईटी एक्ट: पुलिस पर हमला (353 भादंवि), लोक संपत्ति को नुकसान और आईटी एक्ट (67 IT Act) के तहत मुकदमे।
पुलिस टीम जिसने किया गिरफ्तार:
सराहनीय कार्य करने वाली इस पुलिस टीम में मुख्य रूप से शामिल रहे:
श्री गोविन्द वल्लभ शर्मा (प्रभारी निरीक्षक, थाना सहावर)
श्री सन्दीप सिंह (वरिष्ठ उप-निरीक्षक)
श्री दीगम्बर सिंह (उप-निरीक्षक)
कान्स्टेबल ब्रजमोहन, कान्स्टेबल अमन तोमर, कान्स्टेबल शिवकुमार और महिला कान्स्टेबल नीरज कुमार।
पुलिस अधीक्षक ने टीम के इस कार्य की सराहना की है और साफ किया है कि जिले में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।