कानपुर के नौबस्ता थाने में 19 अगस्त को हिरासत में लाए गए एक युवक द्वारा टॉयलेट क्लीनर पीने का मामला अब तूल पकड़ रहा है। परिजनों ने मीडिया के सामने आकर पुलिस पर टॉर्चर और जबरन ज्वलनशील पदार्थ पिलाने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस का कहना है कि युवक ने खुद बाथरूम जाकर क्लीनर पी लिया।

फिलहाल पीड़ित आशीष द्विवेदी (40) उर्फ पुल्ली पंडित की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे हैलट अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है जहां वह जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।

जानकारी के अनुसार नौबस्ता क्षेत्र की एक युवती से आशीष का प्रेम प्रसंग था। युवती की शादी के बाद भी दोनों के बीच बातचीत जारी रहने की शिकायत युवती के ससुर और पति आर्यन बाजपेई व गौरव बाजपेई ने नौबस्ता थाने में की थी। इसी शिकायत पर पुलिस आशीष को पूछताछ के लिए थाने लेकर आई थी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि थाने में आशीष ने बाथरूम जाने की बात कही और अंदर जाकर टॉयलेट क्लीनर पी लिया।

लेकिन परिजन इस दावे को सिरे से खारिज कर रहे हैं। पीड़ित के भाई मनीष द्विवेदी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने युवती के ससुर और पति के दबाव में आकर आशीष को टॉर्चर किया और जबरन तेजाब जैसा पदार्थ पिला दिया।

*मनीष द्विवेदी, पीड़ित का भाई ने बताया कि*  
"पुलिस ने मेरे भाई को बेरहमी से पीटा और जान से मारने की नीयत से उसे ज्वलनशील पदार्थ पिला दिया। हम चाहते हैं कि दोषी पुलिसकर्मियों और शिकायतकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।"

परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। वहीं पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और अस्पताल से मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।