तिसरी/गिरिडीह/रफ्तार मीडिया रंजन कुमार
तिसरी प्रखंड के गूमगी पंचायत के खिरोध गांव के नदी में स्पेशल डिवीजन द्वारा लगभग तीन करोड़ से ज्यादा की लागत से बन रहे पुल निर्माण में अनियमितता एवं लापरवाही से किए जाने पर ग्रामीणों में रोष है।पहले भी खिरोध गांव के लोगों ने घटिया पुल निर्माण के खिलाफ जोर शोर से विरोध कर सुधार की अपील की है।इसके बाद भी घटिया बालू गिट्टी का उपयोग धड़ल्ले से की जा रही है।
आजसू नेता सह समाजसेवी नारायण यादव ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान खिरोध गांव में तीन करोड़ से लागत से बन रहे पुल को देखने पर कई अनियमितता सामने आई। जिससे साफ होता है कि संबंधित जेई ओर संवेदक की मिलीभगत है। ओर कहा पुल निर्माण में संवेदक के मनमानी के कारण मानक के अनुसार नहीं हो रहा है जिसका खामियाजा यहां के लोग भुगत सकते है।
इन्होंने बताया पुल निर्माण में बालू में भारी मात्रा में माइका का गर्दा मिला हुआ है और गिट्टी में जो गुणवत्ता होना चाहिए नहीं है। सीमेंट की मात्रा कम दिया जा रहा है।
*जानकारी के अनुसार* उक्त पुल निर्माण का पोल कुछ दिन पूर्व बारिश की पानी से फाउंडेशन से सीमेंट बह जाने से गिट्टी ओर छड़ दिखने लगा था जिसका विरोध वहां के ग्रामीणों ने जोर शोर से आंदोलन किया था। इस विरोध का खबर प्रिंट मीडिया और इलेट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित किया गया था। खबर प्रकाशित पर स्पेशल डिवीजन के जूनियर इंजीनियर राहुल कुमार खिरोध गांव पहुंचे और निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को आश्वसान दिया पुल का कार्य सही से किया जाएगा। इधर आजसू नेता सह समाजसेवी नारायण यादव पुल निर्माण स्थल पहुंच कर देखे कि खराब घटिया किस्म के लोकल नदी का बालू और गिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। जुनियर इंजीनियर राहुल कुमार और संवेदक अभय कुमार मौजूद थे लेकिन जब पुल निर्माण स्थल का जायजा लेने के बाद जेई से बात करना चाहा लेकिन जेई साहब वहां से निकल चुके थे। इन्होंने कहा अगर शिकायत करेंगे तो किससे करेंगे इसका मतलब है संवेदक और जूनियर इंजीनियर का मिलीभगत है।जिसके कारण घटिया सामग्री का उपयोग पुल निर्माण में किया जा रहा है।