संवाददाता रोहित कुमार/बिजनौर

बिजनौर में पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे पर वाहन चालकों और राहगीरों की सुविधा के लिए लगाए गए संकेतकों में बड़ी लापरवाही सामने आई। हाईवे पर कई गांवों के नाम गलत लिखे गए जबकि कई गांवों के सामने अभी तक संकेतक लगाए ही नहीं लगे। इससे बाहरी क्षेत्रों से आने वाले वाहन चालकों को गांवों की सही दिशा और स्थान की जानकारी हासिल करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।हाईवे पर हादरपुर गांव के नाम का संकेतक हैदरपुर लिखकर लगाया गया। इसी तरह पीली चौकी के पास अलावलपुर गांव का संकेतक लगा हुआ है। जीवनपुर गांव के संकेतक पर जीवनपुरी, नसीरी के सामने नासीरी और पेदा के सामने पेड़ा लिखा गया। गांवों के नाम में इस तरहकी गलतियां होने से राहगीरों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।खासकर पहली बार हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालक गलत सकतक के कारण अपने गंतव्य से भटक सकते हैं। इसके अलावा हाईवे पर कई गांवों के सामने संकेतक लगाए ही नहीं गए हैं। इनमें गड़ाना, बाकपुर, दरगोपुर नंगली, सिकैड़ा, पमडावली आदि कई गांव शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे पर संकेतक वाहन चालकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में गांवों के नाम और दिशा की सही जानकारी देने वाले संकेतक स्पष्ट और सही तरीके से लगाए जाने चाहिए।

ग्राम प्रधान पति वीरेंद्र कुमार व ग्रामीण अंकुल कुमार  और राहगीरों ने एन एच आई विभाग से हाईवे पर लगाए गए सभी संकेतकों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही जिन स्थानों पर संकेतक नहीं लगाए गए हैं,

*नेशनल हाईवे अधिकारी आशीष शर्मा से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया है कि जिन संकेतकों पर गांवों के नाम गलत लिखे हैं, उन्हें दुरुस्त कराने की मांग की। बॉर्डर पर गलत लिखे हुए नाम सही कर दिए जाएंगे*