कुशीनगर – पड़रौना विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए पांच साल पहले लगाए गए कैपेसिटर अब तक चालू नहीं किए गए हैं। आरोप है कि विभाग इन्हीं निष्क्रिय मशीनों के मेंटेनेंस के नाम पर कंपनी से खर्च वसूल रहा है।
कुशीनगर जिले के पड़रौना उपकेंद्र के अंतर्गत कुल 9 बिजली घर हैं। लो वोल्टेज से निजात दिलाने के लिए एक बिजली घर पर तीन कैपेसिटर मशीनें लगाई गई थीं। पड़रौना के विशनपुरा बिजली घर में तैनात एसएसओ ने बताया कि मशीनें आने के बाद मात्र 6 माह ही चलीं, उसके बाद से खराब पड़ी हैं। पड़रौना बिजली घर में लगी मशीनें भी केवल शोपीस बनकर खड़ी हैं। सूत्रों के अनुसार जिले में जितनी भी कैपेसिटर मशीनें लगाई गई हैं, पांच साल में कोई भी चालू नहीं हुई।
आरोप है कि मशीन लगाने वाली कंपनी से मेंटेनेंस के नाम पर उल्टा खर्च लिया जा रहा है। जब मशीनें चालू ही नहीं हैं तो मेंटेनेंस शुल्क क्यों वसूला जा रहा है, यह सवाल उपभोक्ताओं और स्थानीय लोगों के बीच उठ रहा है।
इस मामले में विद्युत उपकेंद्र पड़रौना के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र कुमार से सवाल किया गया तो उन्होंने एक महीने के भीतर मशीनों को चालू करने की बात कही। अब देखना होगा कि मामले के उजागर होने के बाद जिम्मेदार क्या कार्रवाई करते हैं और उत्तर प्रदेश ऊर्जा मंत्री इस पर क्या कदम उठाते हैं।