सौरभ राय/ रफ्तार मीडिया
रांची: झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर 2026) के तहत तैयार की जा रही एएसडीडी सूची में 27 जुलाई तक 40,04,817 मतदाताओं के शामिल होने पर राज्य सरकार में सहयोगी दल कांग्रेस द्वारा चिंता व्यक्त की गई है। कांग्रेस के प्रदेश नेताओं का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं का इस सूची में शामिल होना कई सवाल खड़े करता है और इससे बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
एसआईआर 2026 की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात के सौंपा ज्ञापन
इसी क्रम में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, प्रदेश महासचिव सूर्यकांत शुक्ला तथा लाल किशोर नाथ शाहदेव ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने एसआईआर 2026 की प्रक्रिया में सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं से अवगत कराते हुए पुनरीक्षण कार्य की समय सीमा बढ़ाने की मांग की।
लापता मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक चिंताजनक- कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एएसडीडी सूची में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसमें सबसे अधिक संख्या 'लापता ' श्रेणी के मतदाताओं की है। पार्टी के अनुसार रांची, हटिया, कांके, धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर पश्चिम जैसे प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों में ऐसे मतदाताओं की संख्या 75 हजार से लेकर 1.15 लाख तक पहुंच चुकी है।कांग्रेस का कहना है कि जब राज्य में डिजिटाइजेशन का कार्य संतोषजनक ढंग से हो रहा है, तब इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं का अनुपस्थित श्रेणी में आना जांच और पुनः सत्यापन की मांग करता है।
सावन मेले का हवाला, समय बढ़ाने की मांग
ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि वर्तमान समय में देवघर, दुमका और आसपास के जिलों में बाबाधाम श्रावणी मेला शुरू हो रहा है। मेले के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से बाहर रहते हैं तथा प्रशासनिक संसाधन भी मेले की व्यवस्था में लगे रहते हैं। ऐसे में मतदाता सत्यापन का कार्य प्रभावित होना स्वाभाविक है।पार्टी नेताओं ने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए इन्यूमरेशन (गणना) चरण के साथ-साथ नोटिस जारी करने और सुनवाई की पूरी प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।
बीएलओ की कार्यशैली पर भी उठाए गए सवाल
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को बताया कि राज्य के कई क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं कि बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) मतदाताओं से फॉर्म तो प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन फॉर्म जमा करने के बाद हस्ताक्षरयुक्त पावती रसीद नहीं दे रहे हैं। पार्टी का कहना है कि इससे भविष्य में मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
अनमैपिंग सूची प्रकाशित नहीं होने पर आपत्ति
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि एएसडीडी सूची का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि अभी तक अनमैपिंग सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। इससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है और आम लोगों पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है। पार्टी ने निर्वाचन आयोग से पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सूचनाएं सार्वजनिक करने की मांग की।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने दिया आश्वासन
वहीं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि 5 अगस्त 2026 के बाद भारत निर्वाचन आयोग को एसआईआर 2026 की प्रक्रिया के लिए 15 दिनों की अतिरिक्त समय सीमा देने का प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि आयोग के स्तर पर इस संबंध में उचित निर्णय लिया जाएगा।इस दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव सूर्यकांत शुक्ला, लाल किशोर नाथ शाहदेव, लाल प्रेम प्रकाश नाथ शाहदेव, सुनील सिंह, राजेश चंद्र राजू सहित अन्य नेता मौजूद थे।