सहरसा।
कोशी प्रमंडल को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) डॉ. कुमार आशीष के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान "नशा मुक्त कोशी" के तहत पुलिस लगातार बड़ी कार्रवाई कर रही है। सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिलों में चलाए जा रहे अभियान के दौरान एक सप्ताह में 81 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। साथ ही भारी मात्रा में शराब, स्मैक, गांजा और अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं।
डीआईजी कार्यालय द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 9060384865 पर आम लोगों से मिल रही गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस त्वरित कार्रवाई कर रही है। पुलिस का दावा है कि आम जनता के सहयोग से नशा तस्करों के नेटवर्क पर लगातार प्रभावी प्रहार किया जा रहा है।
एक सप्ताह में बड़ी कार्रवाई:
11 जुलाई से 17 जुलाई 2026 के बीच चलाए गए अभियान में पुलिस ने 1046.26 लीटर अवैध शराब, 4.259 किलोग्राम गांजा, 306.44 ग्राम स्मैक तथा 17.45 लीटर कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद किया। इसके अलावा 11 मोटरसाइकिल, एक तीन पहिया वाहन, एक चार पहिया वाहन, छह मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, दो हेलमेट और 49,710 रुपये नकद जब्त किए गए। कार्रवाई के दौरान अवैध शराब बनाने वाली एक भट्टी को भी ध्वस्त किया गया।
इस अवधि में अवैध शराब के कारोबार से जुड़े 67 तथा स्मैक एवं गांजा की तस्करी में शामिल 14 आरोपितों सहित कुल 81 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
अभियान शुरू होने के बाद अब तक की उपलब्धियां:
फरवरी 2026 में शुरू हुए "नशा मुक्त कोशी" अभियान के तहत अब तक 51,263.275 लीटर अवैध शराब, 2,354.97 लीटर अवैध कफ सिरप, 3,978.516 किलोग्राम गांजा, 4,443.592 ग्राम स्मैक, 8,198 एमएल नशीला इंजेक्शन तथा 325 नशीली टैबलेट जब्त की जा चुकी हैं।
तस्करों के पास से दो विदेशी पिस्टल, तीन देसी कट्टा, एक देसी मस्केट, तीन मैगजीन और 16 कारतूस भी बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 53,33,624 रुपये भारतीय मुद्रा, 27,570 रुपये नेपाली मुद्रा, 17 मोबाइल, छह चारपहिया वाहन, एक नाव, एक ट्रक, एक पासबुक, एक एटीएम कार्ड तथा शराब बनाने में प्रयुक्त लोहे की भट्टी जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान अब तक कुल 1,417 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
सूचना देने वालों को मिलेगा पुरस्कार:
डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने लोगों से अपील की है कि वे हेल्पलाइन नंबर 9060384865 पर कॉल, एसएमएस या व्हाट्सऐप के माध्यम से अवैध नशा कारोबार की सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की सूचना पर विशेष सफलता मिलेगी, उन्हें डीआईजी कार्यालय की ओर से सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।