पंजाब के जल संसाधन एवं भूमि व जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज नूरपुर बेदी ब्लॉक के गांवों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाने की योजना की चरणबद्ध शुरुआत गांव छज्जा से की। इस सिंचाई योजना पर 650 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित नूरपुर बेदी ब्लॉक के गाँवों के निवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नूरपुर बेदी क्षेत्र के गाँव देश की आज़ादी से लेकर अब तक कृषि के लिए सिंचाई की पानी की सुविधाओं से वंचित थे। इस समस्या के समाधान के लिए चार संभावित विकल्पों का अध्ययन किया गया, जिनमें नंगल रिजर्वायर, सतलुज दरिया, एएसएचसी और एनएचसी के क्रॉसिंग तथा चोआं-नदियों पर बाँध बनाकर वर्षा जल का संरक्षण शामिल है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इसके तहत 8 से 14 गाँवों के समूह बनाकर छोटी-छोटी लिफ्ट सिंचाई योजनाएँ विकसित की जा रही हैं, ताकि किसानों की आवश्यकता के अनुसार पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही चोआं और नदियों पर बाँध बनाकर वर्षा जल को संग्रहित करने और गुरुत्वाकर्षण प्रवाह के माध्यम से खेतों तक पानी पहुँचाने की योजना भी तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से स्वां नदी को चैनलाइज़ करने, बाढ़ से आस-पास के गाँवों की सुरक्षा करने और बड़ी मात्रा में पानी संग्रहित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह संग्रहित पानी भविष्य में सिंचाई के लिए उपयोग किया जाएगा, जिससे कृषि को बड़ा लाभ मिलेगा और भू-जल पर निर्भरता भी कम होगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि 102 गाँवों को सिंचाई सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए सतलुज दरिया आधारित लिफ्ट सिंचाई योजनाओं और स्वां नदी पर बनाए जाने वाले बाँध को एक साथ लागू करना सबसे उचित रहेगा।
गोयल ने कहा कि इस परियोजना की अनुमानित कुल लागत 650 करोड़ रुपये होगी। इस दिशा में पहला कदम उठाते हुए 2,785 एकड़ क्षेत्र को कवर करने वाले 9 गाँवों के लिए लिफ्ट सिंचाई सुविधाएँ प्रदान करने की योजना शुरू की जा चुकी है, जिससे भविष्य में शेष गाँवों तक भी चरणबद्ध तरीके से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
इस अवसर पर विधायक एडवोकेट दिनेश चढ्ढा ने संबोधित करते हुए कहा कि यह पहली बार होने जा रहा है कि हर साल बाढ़ की मार झेलने वाले नूरपुर बेदी क्षेत्र को नहरी पानी मिल रहा है। अब तक सतलुज और खड्डों के पानी ने किसानों की जमीनों का नुकसान ही किया था, लेकिन अब इस लिफ्ट सिंचाई योजना से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
विधायक ने कहा कि अब तक की सरकारों द्वारा नहरी पानी संबंधी न तो कोई सर्वेक्षण किया गया और न ही योजना का प्रस्ताव इस क्षेत्र के लिए लागू किया गया, जबकि सतलुज के पानी का उपयोग बहुत पहले से ही किया जा सकता था।
विधायक ने क्षेत्रवासियों को इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि यह योजना इस क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान साबित होगी, जिसके द्वारा नूरपुर बेदी के सभी गाँवों तक पानी पहुँचाया जाएगा।