महिला एवं बाल विकास निगम अंतर्गत जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन, पूर्वी चंपारण द्वारा आज प्रखंड–ढाका में सखी वार्ता सह जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं, किशोरियों एवं ग्रामीण समुदाय की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं के साथ संवाद स्थापित करते हुए उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा संबंधी कानूनों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही महिलाओं को सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जागरूक किया गया।
इस अवसर पर महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता, घरेलू हिंसा की रोकथाम, बाल विवाह निषेध, बाल संरक्षण एवं महिला सम्मान जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। महिलाओं एवं किशोरियों को यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) से बचाव, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही POSH Act एवं POCSO Act के महत्वपूर्ण प्रावधानों को सरल एवं सहज भाषा में समझाया गया।
कार्यक्रम में बाल श्रम उन्मूलन, बाल तस्करी की रोकथाम एवं बाल अधिकारों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन का अधिकार प्राप्त है तथा बाल श्रम एवं बाल तस्करी जैसी सामाजिक बुराइयों को रोकने में समाज की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
महिलाओं को मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, विधवा पेंशन योजना एवं बेरोजगारी भत्ता योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें जीविका समूहों एवं स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112, साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 एवं वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं की जानकारी भी साझा की गई। महिलाओं को बताया गया कि संकट की किसी भी स्थिति में वे इन सेवाओं का निःशुल्क लाभ प्राप्त कर सकती हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने महिला सशक्तिकरण, बाल अधिकारों की सुरक्षा एवं सामाजिक जागरूकता को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर सहयोग और सहभागिता बनाए रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
“जागरूकता से ही सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त होता है, और सशक्त समाज की शुरुआत सशक्त महिलाओं से होती है।”
— महिला एवं बाल विकास निगम, पूर्वी चंपारण