सरायकेला: सरायकेला सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी और अस्पताल के चिकित्सकों के बीच विवाद सामने आया है। दो दिन पूर्व एक मरीज को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे नगर पंचायत अध्यक्ष ने करीब 40 मिनट तक डॉक्टर के अनुपस्थित रहने का आरोप लगाते हुए सिविल सर्जन से अस्पताल की व्यवस्था की शिकायत की थी। इसके बाद अस्पताल के डॉक्टरों की ओर से नगर पंचायत अध्यक्ष पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए शिकायत किए जाने की बात सामने आई है।मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड है और उन्होंने किसी भी डॉक्टर अथवा अस्पताल कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्था में सुधार को लेकर लगातार निरीक्षण और सवाल उठाने के कारण उनकी शिकायत को दबाने के लिए उन पर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।मनोज चौधरी ने कहा कि उनके द्वारा सदर अस्पताल की लगातार निगरानी किए जाने के बाद अस्पताल से मरीजों के रेफर किए जाने की संख्या में कमी आई है और स्वास्थ्य व्यवस्था में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है और जनता की समस्या को उठाना उनका दायित्व है।नगर पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि यदि अस्पताल में डॉक्टरों और संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है, तो आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा क्यों नहीं मिल रही है, इसका जवाब जिम्मेदार अधिकारियों को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में कमी से सरकार की छवि भी प्रभावित हो रही है।उन्होंने पूरे मामले की शिकायत जिला स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री से करने की बात कही। साथ ही कहा कि यदि अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए तो वास्तविकता सामने आ जाएगी। मामले में डॉक्टरों की शिकायत और नगर पंचायत अध्यक्ष के आरोपों के बाद अस्पताल की व्यवस्था तथा दोनों पक्षों के दावों को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है।