दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जामताड़ा ने जेपीएससी एवं जेएसएससी की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं, परीक्षा परिणामों में हेरफेर तथा नियुक्तियों में पारदर्शिता के अभाव को लेकर शुक्रवार से हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। अभियान का पहला चरण जामताड़ा महाविद्यालय परिसर में आयोजित किया गया, जहां छात्र-छात्राओं ने हस्ताक्षर कर भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग का समर्थन किया। वही अभाविप ने कहा कि जेपीएससी एवं जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं और परिणामों को लेकर सामने आए कथित मामलों ने राज्य की सरकारी भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संगठन का आरोप है कि इन घटनाओं से गरीब, दलित, आदिवासी, वंचित और मेधावी अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है तथा वर्षों की मेहनत करने वाले युवाओं को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।अभाविप के कार्यकर्ताओं ने मांग की कि भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्ष जांच केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए, दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से शीघ्र एवं कठोर दंड दिया जाए तथा भविष्य में सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूर्णत पारदर्शी, डिजिटल और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू की जाए। संगठन ने भर्ती प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित पक्षों की निष्पक्ष जांच की भी मांग की। अभाविप के जिला संयोजक संजय मंडल ने कहा कि यह आंदोलन झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य और न्याय के लिए है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं करती है तो परिषद चरणबद्ध आंदोलन के तहत हस्ताक्षर अभियान, परिसर प्रदर्शन, पत्रकार वार्ता, मानव श्रृंखला, एक दिवसीय भूख हड़ताल, मशाल जुलूस तथा अन्य लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित करेगी। उन्होंने युवाओं और अभिभावकों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि जब तक भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह नहीं बनती, तब तक अभाविप का आंदोलन जारी रहेगा।मौके पर देवघर एवं जामताड़ा विभाग के विभाग संयोजक चंदन रजक, जामताड़ा नगर इकाई के नगर मंत्री प्रकाश यादव, जामताड़ा कॉलेज के अध्यक्ष ललन यादव, कृष्णा कुमार यादव, राहुल यादव सहित महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं मौजूद थे।