दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा।

साहित्यकार परिषद, जामताड़ा की ओर से शनिवार को संत एंथौनी स्कूल के सभागार में उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 147वीं जयंती सह राष्ट्रीय लेखक दिवस-2026 तथा सुर सम्राट मोहम्मद रफी की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर साहित्य प्रेमियों ने दोनों महान विभूतियों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके साहित्यिक एवं सांगीतिक योगदान को याद किया।समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार मोहन लाल मिस्त्री ने की, जबकि मंच संचालन शिक्षाविद् डॉ. डी.डी. भंडारी ने किया। वक्ताओं ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद हिंदी और उर्दू साहित्य के ऐसे महान कथाकार एवं उपन्यासकार थे, जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज की वास्तविक समस्याओं को सशक्त रूप से सामने रखा। किसानों, मजदूरों, महिलाओं और वंचित वर्ग के संघर्षों का उन्होंने अत्यंत मार्मिक चित्रण किया। उनकी रचनाएं आज भी सत्य, ईमानदारी, मानवता और सामाजिक समानता का संदेश देती हैं। वक्ताओं ने यह भी कहा कि बंगला के प्रसिद्ध साहित्यकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय ने उन्हें 'उपन्यास सम्राट' की उपाधि दी थी। वहीं महान पार्श्वगायक मोहम्मद रफी के संगीत योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उनकी मधुर आवाज और कालजयी गीत भारतीय संगीत जगत की अमूल्य धरोहर हैं। उनके गीत आज भी लोगों के दिलों में जीवंत हैं। कार्यक्रम में साहित्यकार अरुण कुमार वर्मा, राकेश कांत रौशन, अरुण कुमार यादव, दुर्गा दास भंडारी, कांचन गोपाल मंडल, सौरभ कुमार झा, राजीव रंजन एवं रामस्वरूप मयुरेश ने अपने विचार व्यक्त किए तथा काव्य और साहित्यिक रचनाओं की प्रस्तुति देकर श्रोताओं का मन मोह लिया।