_कानपुर संवाददाता: राजन साहू_
*कानपुर* जिले में मोमोज के नाम पर जहर परोसे जाने का खुलासा हुआ है। रावतपुर और साकेत नगर में गंदगी के बीच मोमोज बनाए जा रहे थे। साथ में परोसी जाने वाली चटनी भी अस्वच्छ बर्तनों में रखी मिली।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बुधवार को विशेष अभियान चलाकर 3 मोमोज निर्माणशालाओं को सील कर दिया। टीम ने करीब 115 किलो संदिग्ध चटनी नगर निगम के वेस्ट डिस्पोजल यार्ड में नष्ट कराई। वहीं मसवानपुर में ठेलों पर बिक रहे रंगीन फिंगर चिप्स और रंगीन चटनी भी नष्ट कराई गई। खाद्य सचल दल के अधिकारियों संजय वर्मा, रजनीश कुमार राय, अनिल कुमार और सारिका सिंह ने सबसे पहले केशव नगर, रावतपुर गांव स्थित `आकाश मोमोज निर्माणशाला` का निरीक्षण किया। यहां परिसर में गंदगी मिली। चटनी भी अस्वच्छ हालत में रखी थी। 40 किलो चटनी नष्ट कर नमूना जांच को भेजा गया। साफ-सफाई ठीक होने तक दुकान बंद करने के आदेश दिए।
इसके बाद `श्री बालाजी मोमोज निर्माणशाला रावतपुर की जांच की गई। यहां न तो खाद्य पंजीकरण था और न ही साफ-सफाई। रंगीन चटनी दूषित हालत में मिली। 45 किलो चटनी नष्ट कर मोमोज और चटनी के नमूने लिए गए। पंजीकरण और कमियां दूर होने तक संचालन बंद।
साकेत नगर की एक अन्य निर्माणशाला में भी रश्मि प्रभा के नेतृत्व में छापा मारा गया। यहां भी गंदगी और संदिग्ध चटनी मिली। 30 किलो चटनी नष्ट की गई। मसवानपुर में ठेलों पर बिक रहे रंगीन फिंगर चिप्स और चटनी को भी मौके पर नष्ट कराया गया।
सहायक आयुक्त खाद्य संजय प्रताप सिंह ने कहा कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। अभियान आगे भी जारी रहेगा।