गंजडुंडवारा (कासगंज)। नगर पालिका परिषद गंजडुंडवारा क्षेत्र में सरकारी संपत्तियों और तालाबों पर अवैध निर्माण व कब्जों का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला नगर पालिका की कथित अनदेखी और सांठगांठ से जुड़ा हुआ सामने आया है, जहां सार्वजनिक तालाब की भूमि को घेरकर धड़ल्ले से अवैध दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मामले की लिखित और मौखिक सूचना नगर पालिका प्रशासन को दिए जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
शिकायतों को दरकिनार कर जारी है निर्माण
क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, तालाब की कीमती जमीन को कब्जाने की नीयत से तेजी से पक्का निर्माण कराया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका की इस कुंभकर्णी नींद के पीछे अंदरूनी मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। बार-बार अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई न होना पालिका की कार्यशैली और मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अवैध कब्जों की गिरफ्त में पालिका की संपत्तियां
यह कोई पहला मामला नहीं है। चर्चा है कि गंजडुंडवारा में लगातार नगर पालिका और सार्वजनिक हित की जमीनों को भू-माफिया हड़पने में लगे हैं। यदि समय रहते तालाबों और सरकारी भूखंडों को इन अवैध कब्जों से मुक्त नहीं कराया गया, तो आने वाले समय में नगर का जलस्तर और पर्यावरण संतुलन पूरी तरह बिगड़ने की आशंका है।
जनता उठा रही सवाल
लगातार हो रहे कब्जों पर आखिर नगर पालिका प्रशासन मौन क्यों है?
क्या शिकायत मिलने के बाद भी कार्रवाई न होना अधिकारियों की मिलीभगत की ओर इशारा करता है?
क्या जिला प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर अवैध दुकानों के निर्माण पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा?
स्थानीय जनता ने कासगंज के उच्च अधिकारियों और जिलाधिकारी से मामले का तत्काल संज्ञान लेने, जारी अवैध निर्माण को ध्वस्त कराने और लापरवाह पालिकाकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वही जब इस संबंध में नगर पालिका अधिशासी अधिकारी नासिर से बात हुई तो उन्होंने बताया जांच कर कार्रवाई करेंगे