धनजी यादव/कतरास: कतरासगढ़ स्थित डीएवी +2 उच्च विद्यालय एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गया है। शिक्षकों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिलने से हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। इस मुद्दे को लेकर वियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार झा ने तीखा रुख अपनाते हुए पूरे मामले को सार्वजनिक किया है।
रानी बाजार स्थित अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विजय कुमार झा ने कहा कि महान समाज सुधारक स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा स्थापित आर्य समाज की गौरवशाली परंपरा आज संकट में है। उन्होंने बताया कि 1969 में स्थापित इस विद्यालय ने वर्षों तक क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाई, लेकिन वर्तमान स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। उन्होंने खुलासा किया कि विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं पिछले 4 महीनों से वेतन के लिए तरस रहे हैं, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। झा ने इसे “अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि अपने 57 वर्षों के अनुभव में उन्होंने इस संस्थान की ऐसी हालत पहले कभी नहीं देखी।
*संस्थान पर कब्जे की साजिश का आरोप*
विजय झा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्व और निजी स्वार्थ से प्रेरित लोग संस्थान पर अवैध कब्जा करने की फिराक में हैं। उन्होंने आशंका जताई कि कतरास क्षेत्र के अन्य शिक्षण संस्थान भी ऐसी साजिशों के निशाने पर हैं।
ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना से बिगड़ा माहौल
प्रेस वार्ता के दौरान यह भी सामने आया कि शिक्षण संस्थान के अंदर ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना जैसी गतिविधियों से माहौल दूषित किया जा रहा है। इसका सीधा असर न केवल शिक्षकों बल्कि छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। साथ ही कहा कि शिक्षकों द्वारा दिए गए आवेदन उनकी पीड़ा को साफ दर्शाते हैं, जिसे नजरअंदाज करना मानवता के खिलाफ होगा। इस प्रेस वार्ता में उदय सिंह, राजेंद्र प्रसाद राजा, गौतम मंडल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।