सौरभ राय/ रफ्तार मीडिया
रांची:हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला जमाई षष्ठी का त्यौहार इस वर्ष 20 जून 2026, शनिवार को धूमधाम के साथ मनाया गई। बता दें,जमाई षष्ठी को बंगाली समाज में दामाद के सम्मान और उसके प्रति स्नेह के प्रतीक पर्व के रूप में देखा जाता है। परंपरा के अनुसार इस दिन दामाद अपनी पत्नी के साथ ससुराल पहुंचते हैं, जहां उनका भव्य स्वागत किया जाता है। सास द्वारा दामाद के माथे पर तिलक लगाया जाता है और कलाई पर पीला धागा बांधकर उनके सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना की जाती है। राजधानी रांची में भी बंग समुदाय के बीच जमाई षष्ठी को लेकर खासा उत्साह देखा गया इस दिन बंगाली परिवार के सदस्यों द्वारा एक उत्सव की तरह मनाया गया।
*जमाई षष्ठी में बंगाली थाली बनी आकर्षण का केंद्र*
जमाई षष्ठी के अवसर पर राजधानी रांची के लोअर बर्दवान कम्पाउंड स्थित अनिकेत वाटिका शांतिनिकेतन में निवास करने वाली शाश्विता सेनगुप्ता के घर रौनक आ गई जब उनके जमाई राणा जॉय गोस्वामी और बेटी प्रियंका गोस्वामी जमाई षष्ठी के अवसर पर पहुंचे। शाश्विता सेनगुप्ता ने बताया कि एक वर्ष तक इस पर्व का इंतज़ार रहता है चूंकि दामाद बेटे के समान होते हैं। उन्होंने बताया इस पर्व की सबसे खास बात दामाद के लिए तैयार की जाने वाली पारंपरिक बंगाली थाली होती है। इस दिन दमाद के पसंदीदा व्यंजनों की भरपूर व्यवस्था की जाती है। उन्होंने बताया इस वर्ष थाली में भात, दाल, कई प्रकार की तली हुई सब्जियां, विभिन्न प्रकार की मछली, मिठाइयां, मौसमी फल के साथ साथ मिस्टी दोई शामिल किए गए थे। यह थाली केवल भोजन नहीं बल्कि सम्मान, प्रेम और पारिवारिक जुड़ाव का प्रतीक मानी जाती है, जिसे बड़े गर्व और परंपरा के साथ परोसा जाता है।