ओमप्रकाश तिवारी
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने बुधवार को पर्यवेक्षण गृह, मोतिहारी का निरीक्षण कर वहां रह रहे बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, स्वच्छता एवं अन्य आधारभूत व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने पर्यवेक्षण गृह के विभिन्न कक्षों, शयन कक्ष, रसोईघर, स्वच्छता व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा प्रचलित नियमों के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं का प्रभावी एवं नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिया कि पर्यवेक्षण गृह में रह रहे सभी बच्चों को आवश्यक पाठ्य-पुस्तकें एवं शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उनकी नियमित पढ़ाई सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि उनके शैक्षणिक विकास में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए नियमित परामर्श, खेलकूद, सांस्कृतिक एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों के संचालन पर भी जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान भवन में पाई गई कमियों पर जिलाधिकारी ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने भवन निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारियों को आवश्यक मरम्मत कार्य एवं अन्य आधारभूत कमियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यवेक्षण गृह में रह रहे प्रत्येक बच्चे के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक सुविधाएं समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील तरीके से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करने का भी निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक, बाल संरक्षण, पर्यवेक्षण गृह के अधीक्षक सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।