रिपोर्टर रोहित कुमार/बिजनौर

जनपद में मनरेगा कार्यों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि 28 जुलाई को जिले में लगातार बारिश होने के बावजूद 11 विकास खंडों की 95 ग्राम पंचायतों में मनरेगा ( अब जी राम जी ) योजना के तहत 206 मस्टर रोल पर कुल 1076 मजदूरों की हाजिरी दर्ज कर दी गई।

जानकारी के अनुसार किरतपुर ब्लॉक के ग्राम मैमन सादात में 16 मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाए जाने का आरोप है। इसके अलावा जलीलपुर ब्लॉक के सुल्तानपुर खादर, बाजितपुर, सराय, मीरापुर खादर और जमालुद्दीनपुर, कोतवाली ब्लॉक के रामपुर दास, मूसेपुर, मीडोपुर, रोशनपुर प्रताप तथा धामपुर ब्लॉक के रामसिरा, सुहागपुर, आजमपुर जमनिमान और नवादा केश सहित कई ग्राम पंचायतों में भी अनियमितताए पाई गई हैं।यदि 1076 मजदूरों की एक दिन की मजदूरी ₹300 प्रति श्रमिक के हिसाब से जोड़ी जाए तो लगभग ₹3.23 लाख के भुगतान पर सवाल उठते हैं।
पहले भी बरसात के दिनों में इस विभाग में अनियमितताएं पाई गई हैं परंतु जांच करने के नाम पर खानापूर्ति कर दी जाती है।
इस संबंध में मनरेगा अधिकारी आर.बी. यादव ने बताया कि सभी ब्लॉक विकास अधिकारी को सुबह ही सूचित कर दिया गया था की कोई भी कच्छा कार्य नहीं होगा।बरसात के दौरान वृक्षारोपण जैसे कार्य मनरेगा के अंतर्गत कराए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों की हाजिरी दर्ज की गई है उनकी जांच कराई जाएगी। यदि कार्य वास्तविक पाया गया तो ही भुगतान किया जाएगा, अन्यथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वहीं मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह ने कहा कि जिन 11 ग्राम पंचायतों में कार्य दर्शाया गया है, उनकी जांच कराई जाएगी। यदि कार्य सही पाया गया तो ही भुगतान होगा, अन्यथा भुगतान रोककर संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बाइट:-आरबी यादव डिप्टी कमिश्नर मनरेगा बिजनौर

बाइट:-रणविजय सिंह CDO बिजनौर