ओम प्रकास तिवारी /मोतिहारी/पताही।
पूर्वी चंपारण के पताही प्रखंड अंतर्गत जिहुली  गांव में सियार के काटने से दो लोगों की 15–20 दिन बाद मृत्यु होने की घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। इस संबंध में वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।
वन विभाग के अनुसार सूचना मिलते ही वनकर्मियों एवं गश्ती दल को गांव भेजा गया था। जांच के दौरान संबंधित सियार (गीदड़) मृत अवस्था में पाया गया। इसके बाद भी विभाग द्वारा लगातार क्षेत्र में गश्त की गई और पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल किसी प्रकार की असामान्य स्थिति नहीं है।
जिला वन पदाधिकारी (DFO) ने कहा कि वन विभाग हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई करता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अफवाहों पर विश्वास न करें। जहां से भी सूचना प्राप्त होती है, वहां वन विभाग की टीम तत्काल पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करती है। विभाग पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है।
वहीं फॉरेस्ट गार्ड राजकरण ने बताया कि उन्होंने गश्ती दल के साथ रात के समय भी जिहुली  गांव का भ्रमण किया। वर्तमान में गांव में किसी प्रकार का खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बरसात के मौसम में गीदड़ एवं अन्य वन्यजीवों का निकलना सामान्य बात है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में अनावश्यक रूप से जंगल या सुनसान रास्तों से आने-जाने से बचें, विशेषकर रात के समय सतर्कता बरतें। वर्षा के दौरान वन्यजीव भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में सड़कों एवं आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ सकते हैं। ऐसे में किसी भी वन्यजीव के दिखने पर उसे छेड़ने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
वन विभाग ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा और आमजन की सुरक्षा दोनों विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए आम लोगों का सहयोग भी आवश्यक है। विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वन विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर वन्यजीव संरक्षण एवं सुरक्षा अभियान में सहयोग करें।
31 जुलाई को वन विभाग की ओर से वन्यजीव संरक्षण एवं उनकी सुरक्षा में जुटे सभी वनरक्षकों, वनकर्मियों एवं अधिकारियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। मोतिहारी वन विभाग की पूरी टीम ने वन्यजीवों की सुरक्षा एवं जनसुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।