कुशीनगर। पडरौना विकासखंड के ग्राम सभा शिवपुर बुजुर्ग में बिना नाला निर्माण कराए ही सरकारी धन निकाले जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव ने आपसी मिलीभगत से लगभग 2 लाख 41 हजार रुपये का भुगतान कर सरकारी धन का गबन कर लिया। ग्रामीणों का कहना है कि जिस नाले का निर्माण कागजों में पूरा दिखाया गया है, वह मौके पर आज तक बना ही नहीं है।
बताया जा रहा है कि यह नाला राजाराम के घर से शुरू होकर मुख्य मार्ग तक बनाया जाना था। आरोप है कि करीब 15 माह पूर्व केवल अभिलेखों में निर्माण कार्य पूर्ण दर्शाकर पूरी धनराशि निकाल ली गई और उसका बंदरबांट कर दिया गया।
मामले को लेकर गांव के निवासी अक्षय कुमार मद्धेशिया ने लगभग डेढ़ मिनट का वीडियो जारी कर खंड विकास अधिकारी पडरौना से निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मौके पर नाला बना ही नहीं, तो आखिर किस आधार पर ₹2.41 लाख का भुगतान कर दिया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे मामले में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। घटना के सामने आने के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और लोग मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
हालांकि, इस संबंध में अभी तक संबंधित अधिकारियों या ग्राम पंचायत की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। खंड विकास अधिकारी पडरौना ने मामले की जांच कर दोषियों पर करवाई की बात कही है ।