हरियाणा के राज्य निर्वाचन आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण की अध्यक्षता में आज नगर निगम पंचकूला एवं अंबाला के आम चुनावों की तैयारियों को लेकर पंचकूला में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
देवेंद्र सिंह कल्याण ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदाता सूची, ईवीएम, चुनाव सामग्री, कानून व्यवस्था, संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान, मतदान कर्मियों की तैनाती, प्रशिक्षण, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं तथा दिव्यांग एवं वरिष्ठ मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाओं सहित सभी प्रबंध समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किए जाएं।
ईवीएम, चुनाव सामग्री और आचार संहिता पालन के निर्देश
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि चुनाव के सुचारू संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में ईवीएम और अन्य चुनाव सामग्री की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर कोई बाधा उत्पन्न न हो।
देवेंद्र सिंह कल्याण ने कहा कि 13 अप्रैल 2026 से आदर्श आचार संहिता प्रभावी है, इसलिए चुनाव कार्य से जुड़े किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने तक नहीं किया जाएगा। इस अवधि में किसी भी प्रकार की नई योजना- परियोजना का शिलान्यास व उद्घाटन नहीं किया जाएगा।
मतदाता सूची और नामांकन प्रक्रिया पर विशेष जोर
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि नगर निगम पंचकूला की वार्डवार अंतिम मतदाता सूची 27 मार्च 2026 को प्रकाशित की जा चुकी है। नियमों के अनुसार चुनाव कार्यक्रम जारी होने से नामांकन की अंतिम तिथि तक संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने का अधिकार रहेगा। केवल उन्हीं मतदाताओं के नाम संबंधित वार्ड में जोड़े जा सकेंगे, जिनका नाम विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में मौजूद है, लेकिन नगर निगम की वार्डवार सूची में शामिल नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी संभावित प्रत्याशी का नाम संबंधित वार्ड की मतदाता सूची में विधिवत शामिल है तो उसे नामांकन दाखिल करने की अनुमति दी जाएगी।
संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की तुरंत पहचान कर वहां पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। श्री देवेंद्र कल्याण ने कहा कि मतदान केंद्रों, मतगणना केंद्रों तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध रहे।
उन्होंने पुलिस विभाग को असामाजिक तत्वों, अवैध शराब, नशीले पदार्थों, हथियारों एवं आपराधिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। मतदान दिवस से पहले विशेष अभियान चलाने, नाकों और गश्त बढ़ाने तथा मतदान केंद्रों के आसपास वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के निर्देश भी दिए गए। जिन मतदान केंद्रों अथवा संवेदनशील स्थानों पर आवश्यकता हो, वहां सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए गए।
बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं रहेंगी निर्बाध
बैठक में 09 मई से 13 मई 2026 तक बिजली और पेयजल आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने पर बल दिया गया।
देवेंद्र सिंह कल्याण ने स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक मतदान दल को प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध कराने तथा मतदान दिवस पर मतदाताओं के लिए आवश्यक चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मतदाता सुविधा, वोटर स्लिप वितरण और मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर जोर
मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों पर हेल्प डेस्क स्थापित करने, स्पष्ट संकेतक लगाने तथा एनएसएस, एनसीसी, स्काउट्स एवं गाइड्स के स्वयंसेवकों की सहायता लेने के निर्देश दिए गए।
देवेंद्र सिंह कल्याण ने विशेष रूप से कहा कि दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता एवं अस्वस्थ मतदाताओं को प्राथमिकता के आधार पर मतदान सुविधा दी जाए। सभी मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर, रैंप, शेड, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि वोटर स्लिप 7 मई तक प्रत्येक घर तक पहुंचाकर वितरित की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि स्लिप्स थोक में न दी जाएं, बल्कि घर-घर जाकर व्यवस्थित रूप से वितरण किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि पिछली बार की तुलना में इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि अधिक से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
भवन मरम्मत, स्टाफ रैंडमाइजेशन और शिकायत निवारण
देवेंद्र सिंह कल्याण ने निर्देश दिए कि जिन स्कूलों, कॉलेजों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक संस्थानों और अन्य शैक्षणिक भवनों में मतदान केंद्र या मतगणना केंद्र स्थापित किए जाने हैं, वहां भवनों की मरम्मत, स्वच्छता, शौचालय, पेयजल तथा पहुंच मार्गों की स्थिति तुरंत दुरुस्त कराई जाए। उन्होंने पोलिंग स्टाफ की रैंडमाइजेशन और समय पर प्रशिक्षण को विशेष प्राथमिकता देने को कहा।
साथ ही चुनाव संबंधी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर शिकायत निवारण प्रकोष्ठ को सक्रिय रखने तथा 48 घंटे के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रत्याशियों को चुनाव संबंधी एनओसी, अनुमतियां एवं अन्य सेवाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के लिए सिंगल विंडो पोर्टल स्थापित करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।
बैठक के दौरान एनओसी प्राप्त करने की प्रक्रिया को लेकर उत्पन्न भ्रम को दूर करते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि आवश्यक एनओसी केवल संबंधित प्रत्याशी द्वारा ही प्राप्त की जाएगी, उसके परिवार के किसी अन्य सदस्य द्वारा नहीं।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और मतदाता अनुकूल वातावरण में संपन्न कराना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
इस अवसर पर पंचकूला के उपायुक्त सतपाल शर्मा , अंबाला के उपायुक्त अजय सिंह तोमर, राज्य निर्वाचन आयोग, हरियाणा के सचिव गौरव कुमार सहित संबंधित जिलों के निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में चुनाव तैयारियों से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर की गई व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्रस्तुत की।