मोतिहारी, 31 जुलाई। उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार ने शुक्रवार को समाहरणालय स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए), पूर्वी चंपारण के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना एवं अन्य योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2024-25 एवं 2025-26 के तहत निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध लगभग सभी आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 96 आवासों की स्वीकृति लंबित है। सबसे अधिक लंबित मामले कल्याणपुर, मधुबन और रामगढ़वा प्रखंड में पाए गए। डीडीसी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर लंबित स्वीकृतियां पूरी करने अथवा नियमानुसार रिमांड की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि योजना के अंतर्गत 33,910 लाभुकों को तीसरी किस्त का भुगतान किया जा चुका है तथा 32,322 आवास पूर्ण हो चुके हैं। हालांकि 1,588 आवास अब भी अपूर्ण हैं। इनमें छौड़ादानो, आदापुर, ढाका और बंजरिया प्रखंडों में सबसे अधिक लंबित आवास पाए गए। डीडीसी ने निर्देश दिया कि तीसरी किस्त प्राप्त सभी लाभुकों को मनरेगा के तहत 90 कार्य दिवस की मजदूरी उपलब्ध कराते हुए आवासों का शीघ्र निर्माण पूरा कराया जाए।
बैठक में यह भी पाया गया कि प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किस्त के हजारों लाभुकों की ऑर्डरशीट तैयार होना अभी बाकी है तथा प्राप्त राशि के विरुद्ध भुगतान की प्रगति संतोषजनक नहीं है। फेनहारा, पिपराकोठी, मोतिहारी, मेहसी एवं मधुबन प्रखंडों में भुगतान का प्रतिशत सबसे कम पाया गया। इस पर सभी बीडीओ को शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 2,203 स्वीकृत आवासों में 199 आवास तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास सहायता योजना के तहत 62 आवास अभी भी लंबित पाए गए। उप विकास आयुक्त ने इन सभी लंबित आवासों को शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान एरिया ऑफिसर ऐप के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना के निरीक्षण की भी समीक्षा की गई। जुलाई माह में छौड़ादानो, चिरैया, ढाका, हरसिद्धि, मधुबन, मेहसी, पताही, फेनहारा, पिपराकोठी, रामगढ़वा, रक्सौल, संग्रामपुर एवं तेतरिया सहित 13 प्रखंडों द्वारा एक भी निरीक्षण नहीं किए जाने पर डीडीसी ने नाराजगी जताई और सभी संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को तत्काल ऐप के माध्यम से शत-प्रतिशत निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक के अंत में उप विकास आयुक्त ने कहा कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए प्रत्येक अधिकारी जवाबदेही के साथ कार्य करें तथा लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें।