मोतिहारी, पूर्वी चंपारण
संवाददाता: ओमप्रकाश तिवारी
पूर्वी चंपारण जिले में आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ घर-घर तक पहुंचाने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित सहयोग शिविरों का जिला प्रशासन लगातार निरीक्षण कर रहा है। इसी क्रम में जिला प्रशासन के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) ने मंगलवार को मोतिहारी प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में आयोजित सहयोग शिविरों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिविर में उपलब्ध सभी विभागों के स्टॉलों का बारीकी से जायजा लिया तथा अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि ग्रामीणों की समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने प्रत्येक विभाग के अधिकारियों से प्राप्त आवेदनों, उनके निष्पादन की प्रक्रिया तथा आम लोगों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर का उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि निर्धारित समय सीमा के भीतर समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का अधिकतम 30 दिनों के भीतर निष्पादन किया जाए तथा किसी भी आवेदक को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े।
डीडीसी ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी ग्रामीण को किसी योजना का लाभ मिलने में कठिनाई हो रही है तो उसका समाधान सहयोग शिविर के माध्यम से ही किया जाए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संवेदनशीलता के साथ लोगों की बातें सुनें और उनकी समस्याओं का तत्काल निवारण करें।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शिविर में सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मी समय पर उपस्थित होकर पूरी सक्रियता से ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे थे। राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, विद्युत, जलापूर्ति, आपूर्ति, मनरेगा, श्रम, पशुपालन सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं और आवेदन के साथ पहुंचे।
इस अवसर पर प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे और शिविर की व्यवस्थाओं की जानकारी डीडीसी को दी। उन्होंने बताया कि सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर लोगों को एक ही स्थान पर अधिकतम सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सहयोग शिविर में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों की भी उपस्थिति रही। भाजपा नेता मदन सिंह ने कहा कि सरकार की यह पहल ग्रामीणों के लिए अत्यंत लाभकारी है। पहले छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को प्रखंड एवं जिला मुख्यालय का कई बार चक्कर लगाना पड़ता था, लेकिन अब पंचायत स्तर पर ही अधिकांश समस्याओं का समाधान संभव हो रहा है।
मुखिया प्रतिनिधि रामाधार राम ने कहा कि पंचायत स्तर पर आयोजित सहयोग शिविर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच विश्वास का एक मजबूत माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और अपनी समस्याओं का आवेदन देने की अपील की।
वार्ड 5 सदस्य भोला प्रसाद ने कहा कि इस प्रकार के शिविर गांव के गरीब, मजदूर, किसान और जरूरतमंद लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं। प्रशासन की यह पहल निश्चित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन को मजबूत करेगी।
इस दौरान पूर्व सरपंच मदन सिंह, दिनेश सिंह, रवि सिंह सहित कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में भाग लिया और विभिन्न विभागों में अपने आवेदन जमा किए। ग्रामीणों में सहयोग शिविर को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।
इस बार का सहयोग शिविर कई मायनों में विशेष रहा। हाल ही में पंचायत भवन का उद्घाटन होने के बाद पहली बार इसी भवन में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। नए पंचायत भवन में शिविर लगने से ग्रामीणों में अलग ही उत्साह देखने को मिला। लोगों ने कहा कि अब पंचायत भवन वास्तव में जनता की समस्याओं के समाधान का केंद्र बनता जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि इसी प्रकार नियमित रूप से पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएं तो लोगों को जिला मुख्यालय तक जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी।
शिविर में समाजसेवी अजय सिंह, सुनील ठाकुर और हरदयाल सिंह सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता भी पहुंचे। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी जनसमस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा और उनके समाधान की मांग की। समाजसेवियों ने कहा कि प्रशासन द्वारा जनता के बीच आकर समस्याएं सुनना एक सकारात्मक पहल है।
इसी क्रम में पूर्व मुखिया प्रत्याशी ललन दास भी अपने जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सहयोग शिविर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि पंचायत स्तर पर ही जन्म, मृत्यु, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होने लगें तो आम लोगों को काफी राहत मिलेगी।
वहीं जलेश्वर पटेल अपने वृद्धा पेंशन से संबंधित समस्या को लेकर शिविर पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर शीघ्र समाधान की मांग की। अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।
शिविर में बड़ी संख्या में वृद्ध, महिलाएं, दिव्यांग, किसान, छात्र-छात्राएं और अन्य ग्रामीण पहुंचे। किसी ने पेंशन, किसी ने राशन कार्ड, किसी ने आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, तो किसी ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, बिजली, सड़क, जलापूर्ति एवं अन्य योजनाओं से संबंधित आवेदन दिए।
निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी आवेदन को लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि जनता प्रशासन पर विश्वास करके अपनी समस्याएं लेकर आती है, इसलिए उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि किसी विभाग द्वारा लापरवाही बरती जाती है तो उसके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सहयोग शिविर सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम है। इससे न केवल समस्याओं का समाधान होता है बल्कि सरकारी योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचती है।
शिविर का संचालन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से किया गया। सभी विभागों के कर्मी निर्धारित काउंटरों पर मौजूद रहकर लोगों का आवेदन प्राप्त कर रहे थे और आवश्यक जानकारी भी दे रहे थे।
समाचार लिखे जाने तक सहयोग शिविर जारी था। शिविर का संचालन शाम लगभग 4 बजे से 5 बजे तक चलने की जानकारी दी गई। डीडीसी का औचक निरीक्षण भी जारी था और वे विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली का लगातार अवलोकन कर रहे थे।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन द्वारा इस प्रकार के निरीक्षण से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों की समस्याओं का समाधान पहले की अपेक्षा अधिक तेजी से होगा। वहीं प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया कि सहयोग शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए निर्धारित 30 दिनों के भीतर यथासंभव समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
कुल मिलाकर मोतिहारी प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में आयोजित सहयोग शिविर ग्रामीणों के लिए काफी लाभकारी साबित हो रहा है। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम जनता की सक्रिय भागीदारी ने इस शिविर को जनसहभागिता का एक प्रभावी मंच बना दिया है। जिला प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है कि सरकारी सेवाएं और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध, पारदर्शी और सरल तरीके से पहुंचे तथा किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।