दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा
जामताड़ा, देवघर और दुमका जिले के कुल 23 जायरीन उमरा हज की पवित्र यात्रा के लिए कोलकाता एयरपोर्ट से हवाई मार्ग द्वारा मक्का-मदीना रवाना हुए। इस अवसर पर कोलकाता एयरपोर्ट का माहौल पूरी तरह धार्मिक आस्था और भावनाओं से सराबोर रहा।बड़ी संख्या में परिजन, रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक एयरपोर्ट पहुंचकर जायरीनों को गले लगाकर भावभीनी विदाई दी तथा उनके सुरक्षित सफर और उमरा की कुबूलियत के लिए दुआएं कीं। उमरा यात्रा पर रवाना होने वाले जायरीनों के चेहरों पर पवित्र यात्रा की खुशी साफ झलक रही थी। वहीं परिजनों की आंखों में खुशी के साथ-साथ भावुकता भी दिखाई दी। विदाई के दौरान सभी ने एक-दूसरे के लिए दुआएं कीं और अल्लाह से कामना की कि सभी जायरीन सकुशल मक्का-मदीना पहुंचकर उमरा की सभी रस्में अदा करें तथा स्वस्थ और सुरक्षित अपने घर लौटें। इस दौरान मौजूद जेएमएम के युवा नेता सफीक अंसारी ने कहा कि यह अत्यंत खुशी और गर्व का अवसर है कि क्षेत्र के 23 लोग अल्लाह के घर की जियारत और उमरा की पवित्र यात्रा के लिए रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि काबा शरीफ का दीदार हर मुसलमान की सबसे बड़ी तमन्ना होती है और जिन लोगों को यह सौभाग्य प्राप्त होता है, वे वास्तव में खुशकिस्मत होते हैं। सफीक अंसारी ने कहा कि हम स्वयं भी अपने आपको सौभाग्यशाली मानते हैं कि हमें इन जायरीनों को कोलकाता एयरपोर्ट तक विदा करने का अवसर मिला। उन्होंने सभी जायरीनों से देश, राज्य और क्षेत्र की अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की के लिए भी दुआ करने की अपील की। एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों ने जायरीनों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं और फूल-मालाओं के साथ विदाई दी। विदाई के समय लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक और दुआओं की गूंज से पूरा माहौल आध्यात्मिक रंग में रंग गया। कई लोगों ने इस भावुक पल को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद किया। उमरा के लिए रवाना हुए इस जत्थे के मक्का और मदीना पहुंचने के बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे उमरा की सभी धार्मिक रस्में अदा करेंगे। क्षेत्रवासियों ने सभी जायरीनों के सुरक्षित सफर, उमरा की कुबूलियत और सकुशल वतन वापसी की दुआ की।