उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. समाजवादी पार्टी के तीन बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. अमेठी में आयोजित सदस्यता ग्रहण समारोह में तीनों विधायकों ने भाजपा का टोल फ्री नंबर डायल कर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण कर ली. इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी की मौजूदगी में तीनों को पार्टी का पटका पहनाकर स्वागत किया.

इस दौरान स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

समारोह को संबोधित करते हुए स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे जितने भी दलों को एकजुट कर अपने राजकुमार को शहंशाह बनाने की कोशिश करे, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस लगातार नौ विधानसभा चुनाव हारती आ रही है. उन्होंने अमेठी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब कांग्रेस का परिवार अपने दम पर इस क्षेत्र में चुनाव नहीं लड़ सकता, तो वह देश का नेतृत्व कैसे कर सकता है.

विधायकों ने सपा छोड़ने की बताई वजह

भाजपा में शामिल होने के बाद विधायक अभय सिंह ने कहा कि रामचरितमानस जलाए जाने की घटना पर समाजवादी पार्टी के विरोध नहीं करने से उनका मन आहत हुआ था. इसी कारण उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है. वहीं, राकेश प्रताप सिंह ने कहा, "मैं भाजपा में विधायक बनने नहीं आया हूं, भाजपा का विधायक बनाने आया हूं।" गौरतलब है कि तीनों विधायकों ने वर्ष 2022 का विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीता था. हालांकि, फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी लाइन से अलग हटकर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी. अब तीनों के भाजपा में शामिल होने से प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है.