बांग्लादेश में शोक का माहौल, ढाका में आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ खालिदा जिया को दी जाएगी अंतिम विदाई
ढाका में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बेगम खालिदा जिया का अंतिम संस्कार बड़े पैमाने पर राजकीय सम्मान के साथ आयोजित किया जा रहा है। 80 वर्ष की उम्र में लंबे समय से बीमार चल रही खालिदा जिया का निधन कल ढाका के एवेरकेयर अस्पताल में हो गया था, जिसके बाद आज देश भर में शोक की लहर है और तीन दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। उनके अंतिम संस्कार की नमाज़ दोपहर करीब 2 बजे संसद भवन के पास मानिक मिया एवेन्यू में अदा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, राजनीतिक नेता और राजकीय अधिकारी शामिल हुए हैं। उनके शव को उनके पति पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की कब्र के पास दफनाया जाएगा, जहां उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी गई।
भारत की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ढाका पहुंचे हैं और वे खालिदा जिया के अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह कदम बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर भारत की संवेदना और सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खालिदा जिया के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और उनके योगदान को याद करते हुए शांति की कामना की है। ढाका में अंतिम संस्कार के लिए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पुख्ता की गई है, और कई विदेशी गणमान्य व्यक्ति भी शामिल होने के लिए उपस्थित हैं।
खालिदा जिया बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और उन्होंने देश के राजनीतिक इतिहास में कई महत्वपूर्ण भूमिका निभाईं। उन्होंने तिन बार प्रधानमंत्री पद संभाला और बीएनपी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) की प्रमुख के रूप में लंबी राजनीतिक यात्रा तय की। उनके निधन के बाद बांग्लादेश में राजनीति के माहौल में गहरा शोक और चर्चाएँ बनी हुई हैं, खासकर आगामी चुनावों और पार्टी नेतृत्व को लेकर विचार जारी हैं। आज उनका अंतिम संस्कार ढाका में एक भावुक और ऐतिहासिक पल के रूप में दर्ज किया जा रहा है, जहां दोनों देशों के बीच सम्मान और संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।
Raftaar Media | सच के साथ