*कासगंज, 26 मई 2026:* भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला महामंत्री नरेंद्र सिंह परमार ने स्वर्गीय बालेश्वर लाल जी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में पार्टी में पुराने और निचले स्तर के कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दशकों तक संगठन को सींचने के बाद भी जमीनी कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिल रहा है।  

*35 साल का संगठनिक सफर*  
नरेंद्र सिंह परमार ने बताया कि वे 1990 में राम मंदिर आंदोलन के दौरान अयोध्या कारसेवक रहे। 1994 में आरएसएस के खंड कार्यवाह, 1999 में हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष और 2002 में धर्म जागरण के जिला प्रमुख के पद पर रहे।  

भाजपा में 2008 में कासगंज मंडल अध्यक्ष, 2012 में जिला महामंत्री बने। 2014 के लोकसभा चुनाव में विधानसभा प्रभारी की जिम्मेदारी संभाली। परमार ने बताया कि पटियाली विधानसभा में पहली बार लोकसभा चुनाव में पार्टी को 558 वोट से जीत दिलवाई। इसके बाद 2016 में जिला उपाध्यक्ष, 2019 में पटियाली विधानसभा संयोजक और 2020 से वर्तमान में प्रभारी के दायित्व पर हैं।  

*जीत दिलाने के बाद भी उपेक्षा*  
परमार ने कहा कि तमाम पदों पर रहकर पार्टी की सेवा की। 2014 में प्रभारी रहते हुए पटियाली से जीत दिलवाई। इसके बावजूद संगठन में पुराने कार्यकर्ताओं को पूछा नहीं जा रहा है। निचले स्तर पर दिन रात मेहनत करने वाले कार्यकर्ता की सुनवाई नहीं हो रही।  

*बालेश्वर लाल जी को किया याद*  
स्वर्गीय बालेश्वर लाल जी की पुण्यतिथि पर परमार भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि बालेश्वर लाल जी ने ग्रामीण पत्रकारिता और संगठन को मजबूत करने के लिए अपना जीवन लगा दिया। लेकिन आज उनकी विचारधारा पर चलने वाले निष्ठावान कार्यकर्ताओं को ही सम्मान नहीं मिल रहा।  

*नेतृत्व से अपील*  
परमार ने कहा कि बूथ स्तर का कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत है। जब उसकी उपेक्षा होगी तो संगठन कमजोर होगा। उन्होंने वरिष्ठ नेतृत्व से पुराने कार्यकर्ताओं से संवाद करने और उन्हें उचित सम्मान देने की मांग की।  

कार्यक्रम में मौजूद कई पुराने कार्यकर्ताओं ने परमार की बातों का समर्थन किया।