स्थान: मोतिहारी, पूर्वी चंपारण
संवाददाता: ओमप्रकाश तिवारी
बिहार के विभिन्न जिलों में छात्र आंदोलन, विरोध प्रदर्शन और हिंसा की घटनाओं के बीच पूर्वी चंपारण जिले ने शांति और सौहार्द का उदाहरण प्रस्तुत किया। जिले में कहीं से भी किसी बड़े आंदोलन, हिंसा या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की सूचना नहीं मिली।
जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की सक्रियता, समय पर संवाद और लगातार मॉनिटरिंग को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखी। सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम), सदर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) तथा हजारों पुलिसकर्मियों ने पूरे धैर्य और संयम के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी और विभिन्न छात्र संगठनों व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से लगातार संवाद स्थापित किया। इसी समन्वय और आपसी सहयोग के कारण जिले में शांति बनी रही तथा किसी अप्रिय घटना की नौबत नहीं आई।
शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में प्रशासन की कार्यकुशलता की विभिन्न वर्गों के लोगों द्वारा सराहना की जा रही है। आम नागरिकों का कहना है कि जिस चंपारण की धरती ने महात्मा गांधी के सत्याग्रह को नई दिशा दी थी, उसी चंपारण ने एक बार फिर संयम, संवाद और सामाजिक सौहार्द का उदाहरण प्रस्तुत किया।