गुमला: गुमला जिले के चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की बेहद शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। चैनपुर प्रेमनगर की रहने वाली 14 वर्षीय शिवानी कुमारी पिता राजकुमार लोहरा अचानक गंभीर रूप से बीमार होकर बेहोश हो गई। लेकिन अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता और खस्ताहाल व्यवस्था के कारण लाचार परिजनों को अपनी अचेत बेटी को सदर अस्पताल गुमला ले जाने के लिए एक निजी पिकअप वैन का सहारा लेना पड़ा।परिजनों का आरोप है कि शिवानी पिछले तीन घंटे से अस्पताल परिसर में बेहोश पड़ी रही। इस दौरान न तो कोई डॉक्टर उसे देखने आया और न ही उसे तुरंत रेफर करने के लिए कोई एम्बुलेंस मिल सकी। अस्पताल परिसर में सरकारी एम्बुलेंस खड़ी तो थी, लेकिन वह तकनीकी रूप से पूरी तरह खराब थी। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आधा दर्जन से अधिक लोग मिलकर एम्बुलेंस को स्टार्ट करने के लिए पीछे से धक्का लगा रहे थे, लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई।परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बच्ची की नाजुक हालत को देखते हुए जब उन्होंने ऑक्सीजन की मांग की, तो स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन तक उपलब्ध नहीं कराया गया।पीड़ित बच्ची के परिजन मेरी बच्ची तीन घंटे से बेहोश पड़ी रही। अस्पताल में इस तरह की लापरवाही हमेशा होती रहती है। न कोई डॉक्टर समय पर देखने आया और न ही हमें एम्बुलेंस की मदद मिली। जो एम्बुलेंस वहाँ खड़ी थी, वह कबाड़ हो चुकी है और धक्का मारने पर भी चालू नहीं हुई।कोई और विकल्प न बचता देख, परिजनों ने आनन-फानन में एक निजी पिकअप वैन रिजर्व की। बेहद दर्दनाक दृश्य में बच्ची को गाड़ी की केबिन में माँ राजमुनी और अन्य परिजनों की गोद में लिटाया गया, जहाँ वह लगातार उल्टियां कर रही थी और उसके हाथ-पैर मुड़ रहे थे। इसी लाचार स्थिति में परिजन उसे गुमला सदर अस्पताल लेकर रवाना हुए।सदर अस्पताल गुमला में प्राथमिक उपचार के बाद रिम्स रेफर किया गया था जो की रास्ते में ही उसकी मौत हो गई जिसे परिजन वापस गुमला लेकर पहुंचे इसके बाद घर ले गए।