रफ्तार मीडिया/गिरिडीह। ड्राईविंग लाईसेंस बनाने के लिए विभाग द्वारा कुछ नियम बनाए गए हैं। इन नियमों को दरकिनार कर गिरिडीह परिवहन विभाग द्वारा गजब का खेल खेला जा रहा है। यहां विभाग द्वारा मोटी रकम लेकर बगैर ट्रायल लिये ही बाईक व चारपहिया वाहनों का ड्राईविंग लाईसेंस निर्गत कर दिया जा रहा है। हालांकि प्रत्येक मंगलवार व गुरूवार को पुराना पुलिस लाईन परिसर में परिवहन विभाग द्वारा ड्राईविंग लाईसेंस के लिए ट्रायल लिये जाने का दिन निर्धारित किया गया है, जिसमें चंद ही लोग ड्राईविंग लाईसेंस के लिए ट्रायल देते हैं। ट्रायल में जो लोग फेल भी हो जाते हैं, उन लोगों का भी ड्राईविंग लाईसेंस निर्गत कर दिया जाता है। आश्चर्य की बात तो यह कि जो लोग ट्रायल में हिस्सा भी नहीं लेते वैसे लोग भी सेटिंग-गेटिंग व विभाग द्वारा निर्धारित राशि देकर लाईसेंस बनवा रहे हैं। जहां एक ओर सरकार व जिला प्रशासन सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर जिस तरीके से परिवहन विभाग ड्राईविंग लाईसेंस निर्गत कर रहा है, उससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी कैसे आयेगी? इस पूरे मामले पर झामुमो व भाजपा नेता ने सरकार व जिला प्रशासन से जांच कर दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई करने की मांग की। इस बाबत झामुमो के केंद्रीय सदस्य सह जिला उपाध्यक्ष अजीत कुमार पप्पू ने भी माना है कि परिवहन विभाग द्वारा बगैर ट्रायल लिए ही ड्राईविंग लाईसेंस निर्गत किए जाने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर वे डीटीओ संतोष कुमार से बात करेंगे। कहा कि इस पूरे मामले को सरकार व जिला प्रशासन जांच कर दोषी के विरूद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। इधर जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सह भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश मंत्री कामेश्वर पासवान ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि परिवहन विभाग द्वारा लापरवाही व अनियमितता की सूचना उन्हें भी है, उन्होंने कहा कि विभाग मोटी रकम लेकर बगैर ट्रायल लिये ही लोगों का ड्राईविंग लाईसेंस निर्गत कर रहा है जो एक गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि अगर इसमें सुधार नहीं किया गया तो जनता के सहयोग से भाजपा आंदोलन करेगी। इस मामले पर जब डीटीओ संतोष कुमार से मोबाईल पर संपर्क किया गया तो उनका मोबाईल नोट रिचेबल आया। बहरहाल बगैर ट्रायल लिये गिरिडीह में ड्राईविंग लाईसेंस निर्गत किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अगर पूरे मामले की जांच की जाए तो गिरिडीह परिवहन में चल रहे इस गोरखधंधे का पर्दाफाश हो सकता है।