रोहित कुमार/बिजनौर:-बिजनौर जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती एक मरीज के उपचार में लापरवाही और बाहर से दवा लिखे जाने के आरोप को लेकर बुधवार को मरीज के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। परिजनों ने चिकित्सकों पर सही उपचार न देने तथा सरकारी अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ न मिलने का आरोप लगाया।
जानकारी के अनुसार बढ़ापुर थाना क्षेत्र के ग्राम हममजापुर निवासी गजरा देवी को सांस लेने में परेशानी और खून की कमी के चलते दो दिन पूर्व जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था। मरीज के पुत्र कोमल सिंह का आरोप है कि उनकी माता का उपचार कर रहे चिकित्सक डॉ. आर.के. डाबरा ने उन्हें बाहर की मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए लिखा था, जिसे वे खरीदकर ले आए। आरोप है कि अगले दिन डॉ. अबू हाशमी ने उस दवा को मरीज के लिए उपयुक्त न बताते हुए लगाने से मना कर दिया।
कोमल सिंह ने बताया कि चिकित्सकों ने उनकी माता को खून चढ़ाने की बात भी कही थी, लेकिन इस संबंध में कोई लिखित पर्ची या निर्देश नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने स्टाफ नर्स से जानकारी ली तो उन्हें बताया गया कि डॉक्टर की ओर से अभी तक कोई निर्देश नहीं मिला है। परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद संबंधित चिकित्सक मरीज को देखने नहीं पहुंचे, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हंगामे के दौरान कोमल सिंह ने कहा कि गरीब मरीज बेहतर उपचार की उम्मीद लेकर सरकारी अस्पताल आते हैं, लेकिन यहां उन्हें बाहर से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है।
इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. तुहीन वशिष्ठ ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में बाहर से दवा लिखना गलत है। मामले की जांच के लिए सीएमएस डॉ. आर.बी. त्यागी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बाइट:-कोमल पुत्र मरीज का