महागामा (गोड्डा), 27 जुलाई 2026। झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सोमवार को महागामा विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर बीएलए (Booth Level Agent-BLA) और बूथ स्तर पर कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर अभियान की स्थिति और सामने आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
मंत्री ने मेहरमा प्रखंड के पंचायत सचिवालय अमौर में सीमानपुर, अमौर, लकड़मारा, डोय, धनकुड़िया और सुरनी पंचायतों के बीएलए से मुलाकात की। इसके अलावा ठाकुरगंगटी प्रखंड कांग्रेस कार्यालय में विभिन्न पंचायतों के बीएलए तथा महागामा के ऊर्जा नगर में नगर पंचायत क्षेत्र के बीएलओ (Booth Level Officer-BLO) के साथ भी बैठक कर अभियान की समीक्षा की।
बैठक को संबोधित करते हुए दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि लोकतंत्र (Democracy) की सबसे बड़ी ताकत प्रत्येक नागरिक का मताधिकार (Voting Rights) है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी का नाम बिना उचित कारण के नहीं हटाया जाए। उन्होंने सभी बीएलए और संगठन के कार्यकर्ताओं से पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता (Transparency) के साथ अभियान को सफल बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि महागामा विधानसभा क्षेत्र उन चुनिंदा क्षेत्रों में शामिल है, जहां SIR Campaign का कार्य बेहतर तरीके से आगे बढ़ रहा है। इस गति को बनाए रखने के लिए संगठन, बीएलए और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय (Coordination) जरूरी है।
मंत्री ने अभियान के दौरान सामने आ रही समस्याओं की जानकारी लेते हुए कहा कि जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) और आवासीय प्रमाण पत्र (Residential Certificate) जैसे आवश्यक दस्तावेज बनवाने में लोगों को हरसंभव सहायता दी जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता केवल दस्तावेजों के अभाव में अपने अधिकार से वंचित न रह जाए।
उन्होंने बताया कि 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) प्रकाशित होने के बाद प्रत्येक बीएलए अपने बूथ की सूची का गंभीरता से परीक्षण करे। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम छूट गया हो या किसी प्रकार की त्रुटि हो तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर सुधार और अपील सुनिश्चित की जाए।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता का दायित्व भी है। सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक पात्र मतदाता का अधिकार सुरक्षित रहे।