DMK सरकार ने पिछले पांच साल में तमिलनाडु की शिक्षा व्यवस्था को व्यापक रूप से मजबूत किया: CM एम के स्टालिन
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने आज जोर देकर कहा कि पिछले पांच साल में DMK सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और गुणवत्ता सुधारने में अहम कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों का उद्देश्य केवल स्कूल और कॉलेजों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि छात्रों को आधुनिक, तकनीकी और व्यावसायिक कौशल से लैस करना भी रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अवधि में सरकार ने शिक्षक प्रशिक्षण, स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल शिक्षा और छात्र कल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया है।
स्टालिन ने कहा कि राज्य में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर में सुधार, पुस्तकालयों और विज्ञान प्रयोगशालाओं के निर्माण, और डिजिटल शिक्षण सामग्री की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नए ITI और कौशल विकास केंद्र खोले गए हैं, जिससे युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण मिल सके। शिक्षा क्षेत्र में किए गए निवेश और सुधारों के कारण तमिलनाडु की शिक्षा प्रणाली राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण बनने लगी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि छात्रवृत्तियों, फ्री कोचिंग और छात्र कल्याण योजनाओं के तहत हर साल लाखों छात्रों को लाभ पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध और नवाचार को प्रोत्साहित किया है, जिससे राज्य में तकनीकी और विज्ञान के क्षेत्र में नई पहल हुई है। इसके अलावा, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं और ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म्स का उपयोग भी किया गया है।
स्टालिन ने यह साफ किया कि DMK सरकार का लक्ष्य शिक्षा को सुलभ, समावेशी और गुणवत्ता युक्त बनाना है, ताकि तमिलनाडु के युवा भविष्य में प्रतिस्पर्धात्मक और आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक और सामाजिक प्रगति के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर अधिकारियों और शिक्षा विशेषज्ञों ने भी सरकार की योजनाओं की सराहना की और कहा कि तमिलनाडु में शिक्षा के क्षेत्र में DMK सरकार ने पिछले पांच वर्षों में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन का यह बयान DMK की शिक्षा नीति और पिछली पांच सालों में किए गए सुधारों को उजागर करता है, जिसमें स्कूलों और कॉलेजों की गुणवत्ता सुधार, तकनीकी और व्यावसायिक कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा, छात्र कल्याण और शोध‑नवाचार पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य में शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए ये पहल आने वाले वर्षों में भी जारी रहेंगी।
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