रिपोर्ट: राजन साहू, ब्यूरो चीफ - रफ्तार मीडिया, कानपुर
कानपुर।बृजेंद्र स्वरूप पार्क बेनाझाबर में बने मंगल भवन के लिए गठित 10 सदस्यीय निगरानी समिति और 6 सदस्यीय रखरखाव व संचालन समिति को नगर निगम ने भंग कर दिया है। अब मंगल भवन के संचालन, रखरखाव, बुकिंग और अन्य व्यवस्थाओं की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम के संपत्ति विभाग की होगी।
नगर आयुक्त कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक दोनों समितियों को समाप्त कर भवन की व्यवस्था सीधे नगर निगम के नियंत्रण में ले ली गई है।
बता दें कि मंगल भवन के निर्माण की शुरुआत 18 जनवरी 2025 को हुई थी। नगर निगम और जेसीआई कानपुर इंडस्ट्रियल के बीच 11 सितंबर 2024 को अनुबंध हुआ था। दो करोड़ की लागत से सीएसआर फंड से निर्माण कराया गया और नवंबर 2025 में भवन बनकर तैयार हो गया।
सरकारी जमीन पर बने मंगल भवन का संचालन निजी संस्था को दिए जाने की बात सामने आने पर भाजपा सांसद रमेश अवस्थी ने आपत्ति जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि करोड़ों की जमीन गलत तरीके से निजी संस्था को सौंपी जा रही है। शिकायत के बाद मंडलायुक्त स्तर से जांच कमेटी गठित की गई थी। 29 जनवरी 2026 को एडीएम सिटी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई, जिसमें केडीए सचिव अभय पांडेय और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता भी शामिल थे।
*कमेटी में ये थे सदस्य -*
महापौर या उनके द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि, नगर आयुक्त या उनके प्रतिनिधि, केआईजेसीआई के वर्तमान अध्यक्ष, तत्काल पूर्व अध्यक्ष, प्रत्येक वर्ष की पहली आम सभा में नियुक्त प्रतिनिधि और अमित पांडे बंटी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में।
इधर महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि यह असंवैधानिक कार्य किया गया है। कमेटी भंग करने से पहले नोटिस देना चाहिए था। मामला सदन में उठाया जाएगा। वहीं विशेष आमंत्रित सदस्य अमित पांडेय बंटी ने इसे अंधा कानून बताते हुए कहा कि गरीब जनता को न्याय दिलाया जाएगा। भाजपा सांसद रमेश अवस्थी ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे गरीबों की जीत बताया।