सौरभ राय/रफ्तार मीडिया

रांची: झारखंड के चर्चित क्रिकेट स्टेडियमों से एक जेएससीए स्टेडियम में झारखंड प्रीमियर लीग के फाइनल मैच के दिन हुई भगदड़ की घटना को लेकर भाजपा ने जेएससीए प्रबंधन और प्रशासन के तैयारियों पर सवाल खड़े किए है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए जेएससीए प्रबंधन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए जेएससीए अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने और उन्हें पद से हटाने की मांग की है।

*बाबूलाल मरांडी के द्वारा पूर्व में भी जेएससीए प्रबंधन को लेकर की गई थी शिकायत*
अजय साह ने तंज कसते हुए कहा  कि पिछले एक वर्ष में जेएससीए क्रिकेट गतिविधियों से अधिक अपने विवादों और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर चर्चा में रहा है। उन्होंने बताया कि नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी भी पहले मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संगठन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठा चुके हैं, लेकिन उन शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

*भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर जेएससीए से हुई है चूक- अजय शाह*
प्रेस वार्ता के दौरान अजय साह ने कहा कि जब पहले से यह स्पष्ट था कि मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे, तब जेएससीए ने अतिरिक्त पुलिस बल, एसडीआरएफ और अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों की सहायता पहले से क्यों नहीं ली। उन्होंने स्टेडियम में मेडिकल टीम, एम्बुलेंस और प्रशिक्षित क्राउड मैनेजमेंट टीम की उपलब्धता पर भी सवाल खड़े किए।उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और पर्याप्त तैयारी के भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी सीमित पुलिस बल और कुछ बाउंसरों के भरोसे छोड़ दी गई। हालात बिगड़ने के बाद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय लाठीचार्ज किया गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

*वीआईपी संस्कृति को बताया हादसे की वजह*
भाजपा प्रवक्ता ने जेएससीए अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव पर निशाना साधते हुए कहा कि घटना के समय आम दर्शकों की सुरक्षा के बजाय वीआईपी मेहमानों की आवभगत को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जेएससीए आज क्रिकेट के बेहतर संचालन से अधिक वीआईपी संस्कृति, महंगी पार्टियों और अव्यवस्थाओं के लिए चर्चा में रहता है।

*72 घंटे बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर सवाल*
अजय साह ने कहा कि घटना के 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूछा कि आखिर किसके दबाव में कार्रवाई रोकी जा रही है और जेएससीए अध्यक्ष को जनता तथा मीडिया के सामने जवाब देना चाहिए।

*घायलों को 10 लाख मुआवजा और न्यायिक जांच की मांग*
भाजपा ने जेएससीए अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव सहित आयोजन से जुड़े सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने, उन्हें पद से हटाने और निष्पक्ष जांच पूरी होने तक प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।इसके साथ ही  भगदड़ में घायल सभी लोगों को 10 - 10 लाख रुपये मुआवजा देने तथा उनके इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार और जेएससीए द्वारा वहन करने की मांग की गई है।