मांडर/ रफ़्तार मीडिया संवाददाता /अभिषेक गुप्ता ।मांडर क्षेत्र के जाहेर स्थित 'मदर इंटरनेशनल स्कूल' के हॉस्टल से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ सीनियर छात्रों द्वारा लगातार की जा रही रैगिंग और प्रताड़ना से तंग आकर तीन छात्र हॉस्टल की बाउंड्री वॉल (दीवार) फांदकर भाग निकले। घटना बीते 16 जून की रात करीब 7 बजे की बताई जा रही है। तीनों छात्रों की उम्र 13 से 14 वर्ष के बीच है। इस घटना के बाद से परिजनों ने स्कूल प्रबंधन की सुरक्षा और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, जिस वक्त तीनों बच्चे हॉस्टल से भागे, उस समय इलाके में तेज बारिश हो रही थी। रात के अंधेरे और भारी बारिश के बीच बच्चे आधी रात तक खेतों और सुनसान सड़कों पर भटकते रहे। जब बच्चों के गायब होने की सूचना मिली, तो परिजनों ने काफी मशक्कत के बाद खोजबीन शुरू की। आखिरकार, देर रात तीनों बच्चों को बेहद खराब और डरी-सहमी हालत में बरामद किया गया।
साथ ही परिजनों ने यह भी बताया कि "हॉस्टल में हमारे बच्चों के साथ लगातार रैगिंग और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना की जा रही थी। बच्चे इस कदर परेशान हो चुके थे कि उन्हें मजबूरी में यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। अगर रात के अंधेरे और तेज बारिश में बच्चों के साथ कोई अनहोनी हो जाती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता?"
बरामदगी के बाद पीड़ित छात्रों ने बताया कि वे हॉस्टल के ही कुछ अन्य छात्रों द्वारा लगातार की जा रही रैगिंग और प्रताड़ना से बुरी तरह थक चुके थे। स्कूल प्रशासन से कोई मदद न मिलने और प्रताड़ना बर्दाश्त से बाहर होने के कारण उन्होंने हॉस्टल से भागने जैसा कड़ा और खतरनाक कदम उठाया।
दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर मदर इंटरनेशनल स्कूल प्रबंधन ने अपना पल्ला झाड़ते हुए रैगिंग के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रबंधन का कहना है:
हॉस्टल में रैगिंग जैसी कोई बात नहीं है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं और पूरे परिसर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
छात्रों की सुरक्षा के लिए हर वक्त गार्ड तैनात रहते हैं। प्रबंधन के मुताबिक, तीनों बच्चे हॉस्टल में नए आए थे और वे यहाँ रहकर पढ़ाई नहीं करना चाहते थे, इसी वजह से वे भागे।
स्कूल प्रबंधन भले ही सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे कर रहा हो, लेकिन इस घटना ने उनके दावों की पोल खोल कर रख दी है।