रफ्तार मीडिया संवाददाता गोवर्धन रजक/lधनबाद: धनबाद जिले के टुंडी प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पश्चिमी टुंडी और रंगामटिया गांव में करीब 26 जंगली हाथियों के झुंड ने डेरा डाल दिया है, जिससे पूरे इलाके में भारी दहशत का माहौल है।रामलाल मुर्मू के परिवार पर फूटा हाथियों का कहर हाथियों के इस झुंड ने जाताखुटी पंचायत के दालुगोड़ा गांव में भारी तबाही मचाई है। यहां रहने वाले रामलाल मुर्मू और उनकी पत्नी चंदौली मुर्मू को हाथियों के दोहरे वार का सामना करना पड़ा।जनवरी में भी टूटा था घर: इसी साल जनवरी महीने में हाथियों ने इस पीड़ित परिवार का आशियाना उजाड़ दिया था।अनाज कर गए सफाचट: हाथियों ने इस बार घर तोड़ने के साथ-साथ अंदर रखा 10 से 12 मन धान और 4 से 5 मन चावल पूरी तरह खाकर बर्बाद कर दिया।भुखमरी की नौबत: साल भर की मेहनत की कमाई बर्बाद होने से इस आदिवासी परिवार के सामने अब रहने और खाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।बीजेपी नेता किशोर हेंब्रम ने लिया जायजा, जताया दुखघटना की सूचना मिलते ही भाजपा नेता किशोर हेंब्रम ग्रामीणों के साथ तुरंत दालुगोड़ा गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और क्षतिग्रस्त घर व बर्बाद हुए अनाज का जायजा लिया।मौके पर मौजूद मुख्य लोग:किशोर हेंब्रम (बीजेपी नेता)राजेंद्र मुर्मू चूड़की देवी किशोर बास्की जितलाल मुर्मू और कई ग्रामीणों ने पीड़ित रामलाल मुर्मू के परिवार को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया।सरकार से मुआवजे की मांग, कॉरिडोर पर उठाए सवालमौके पर पहुंचे बीजेपी नेता किशोर हेंब्रम ने हेमंत सोरेन सरकार और वन विभाग से पीड़ित परिवार को तुरंत उचित सरकारी मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि टुंडी में हाथियों का जो कॉरिडोर बनना था, वह फाइलों से बाहर नहीं आ सका है। इसी प्रशासनिक लापरवाही के कारण आज टुंडी के आदिवासी और ग्रामीण हाथियों के खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं।